ब्रेकिंग
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव

भिवानी: एसडीएम ने संभाली शिक्षक की भूमिका, सरकारी स्कूलों में शुरू हुआ 'अधिकारी-एक दिन शिक्षक' अभियान

भिवानी के तोशाम से एसडीएम संदीप कुमार ने मंगलवार को स्थानीय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत अधिकारी-एक दिन शिक्षक अभियान शुरू की। हरियाणा सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नई पहल शुरू की है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

8 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
भिवानी: एसडीएम ने संभाली शिक्षक की भूमिका, सरकारी स्कूलों में शुरू हुआ 'अधिकारी-एक दिन शिक्षक' अभियान
मूल स्रोत

अधिकारी और छात्रों के बीच बढ़ेगा संवाद

हरियाणा के भिवानी जिले के तोशाम में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। तोशाम के एसडीएम संदीप कुमार ने स्थानीय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि एक शिक्षक की भूमिका निभाते हुए छात्रों को कक्षा में पढ़ाया भी। यह पहल राज्य सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत शुरू की गई 'अधिकारी-एक दिन शिक्षक' अभियान का हिस्सा है।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और प्रशासनिक अधिकारियों को जमीनी हकीकत से रूबरू कराना है। एसडीएम संदीप कुमार ने कहा कि इस तरह के प्रयासों से अफसरशाही और आम जनता के बीच की दूरी कम होगी। अधिकारी जब खुद कक्षा में जाकर बच्चों से संवाद करेंगे, तो उन्हें सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और स्कूलों की वास्तविक चुनौतियों को समझने में आसानी होगी।

निरीक्षण और सुधार की कार्ययोजना

अभियान के तहत, एसडीएम महीने में कम से कम एक बार किसी सरकारी स्कूल का औचक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे स्कूल की आधारभूत संरचना, स्वच्छता, मिड-डे मील की गुणवत्ता और शिक्षकों की उपस्थिति जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच करेंगे। इसके साथ ही, वे छात्रों को उनके पसंदीदा विषयों पर पढ़ाएंगे और उन्हें करियर मार्गदर्शन व प्रेरणा प्रदान करेंगे। इस प्रक्रिया के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार और स्कूल के प्रधानाचार्य भी उपस्थित रहे।

प्रशासन ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एक सख्त समय सीमा तय की है। निरीक्षण के बाद, संबंधित अधिकारी को 48 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। यदि स्कूल में कोई कमी पाई जाती है, तो उसे 15 दिनों के भीतर दुरुस्त करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, अधिकारी शिक्षकों और अभिभावकों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को सुनेंगे और मौके पर ही समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।

छात्रों के लिए प्रेरणा का माध्यम

शिक्षा विभाग के इस कदम को छात्रों के लिए एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। जब प्रशासनिक अधिकारी स्वयं कक्षा में आकर बच्चों को पढ़ाते हैं, तो इससे छात्रों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें प्रशासन के कामकाज को करीब से समझने का अवसर मिलता है। यह पहल न केवल शैक्षणिक वातावरण में सुधार करेगी, बल्कि छात्रों को भविष्य के लक्ष्यों के प्रति अधिक जागरूक भी बनाएगी।

वर्तमान में, इस अभियान को पहले चरण में उन स्कूलों में लागू किया गया है जहाँ 10वीं और 12वीं की कक्षाएं संचालित होती हैं। सरकार की योजना है कि धीरे-धीरे इस पहल का विस्तार राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में किया जाए। इस पहल के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे छात्र तक सही ढंग से पहुँच सके।

भविष्य की राह

तोशाम में शुरू हुई यह कवायद शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अधिकारियों की सीधी भागीदारी से स्कूलों में संसाधनों की कमी और अन्य प्रशासनिक बाधाओं को समय रहते दूर किया जा सकेगा। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि यदि अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों का दौरा करेंगे, तो इससे न केवल व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि सरकारी स्कूलों के प्रति समाज का नजरिया भी सकारात्मक होगा।

आने वाले समय में, इस अभियान के परिणाम शिक्षा के स्तर में सुधार के रूप में दिखाई देने की उम्मीद है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि शिक्षा में गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और इस तरह के औचक निरीक्षणों का सिलसिला निरंतर जारी रहेगा ताकि स्कूलों में एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें