भिवानी में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से बिगड़े हालात, सड़कों पर लगा कूड़े का अंबार
भिवानी में नगर परिषद कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था चर्मराई हुई है। भिवानी शहर में प्रतिदिन 150-200 मीट्रिक टन कचरा निकलता है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

सड़कों पर पसरी गंदगी, आमजन परेशान
हरियाणा के भिवानी शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण शहर की गलियों और मुख्य मार्गों पर कूड़े के ढेर लग गए हैं। 6 अगस्त से शुरू हुई यह हड़ताल अब विकराल रूप ले चुकी है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है। शहर के दिनोद गेट जैसे प्रमुख स्थानों पर कचरा सड़कों तक फैल गया है, जिससे न केवल दुर्गंध बढ़ रही है, बल्कि बीमारियों के फैलने का खतरा भी पैदा हो गया है।
भिवानी शहर से प्रतिदिन लगभग 150 से 200 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। हड़ताल के कारण पिछले कई दिनों से इस कचरे का उठान नहीं हो पा रहा है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नगर परिषद के पास फिलहाल इस समस्या के समाधान के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है, जिससे शहरवासी गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं।
608 कर्मचारी हड़ताल पर, सरकार से वार्ता विफल
हरियाणा नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य सचिव पुरुषोत्तम दानव के अनुसार, भिवानी नगर परिषद के कुल 608 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। इनमें 199 पक्के कर्मचारी, 157 कच्चे कर्मचारी और 200 डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा लोहारू नगर पालिका के 45 और बवानीखेड़ा के 7 कर्मचारी भी काम बंद कर हड़ताल पर बैठे हैं। सरकार के साथ हुई हालिया बैठक के विफल रहने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल को 18 अगस्त तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।
कर्मचारियों का मुख्य आरोप है कि 13 मई को सरकार के साथ हुए समझौते में उनकी मांगों को स्वीकार किया गया था, लेकिन अब तक उन्हें लागू नहीं किया गया है। वे अपनी मांगों को पूरा करने की मांग पर अड़े हैं और स्पष्ट कर चुके हैं कि जब तक उनकी शर्तें नहीं मानी जातीं, तब तक काम पर वापसी नहीं होगी।
नगर परिषद की सफाई पर क्या बोले जिम्मेदार?
नगर परिषद के चेयरपर्सन प्रतिनिधि भवानी प्रताप ने माना कि स्थिति गंभीर है, लेकिन उन्होंने इसे प्रदेश स्तरीय हड़ताल का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि सरकार और कर्मचारी संघ के बीच बातचीत जारी है और उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस मामले में जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय लेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल प्रशासन ने सफाई के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है क्योंकि शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से इन्हीं कर्मचारियों पर निर्भर है।
भवानी प्रताप ने आश्वासन दिया है कि जैसे ही सरकार और कर्मचारियों के बीच सहमति बनेगी और हड़ताल समाप्त होगी, नगर परिषद युद्ध स्तर पर काम करते हुए 24 घंटे के भीतर पूरे शहर से कचरे का उठान सुनिश्चित करेगी। फिलहाल, शहर के लोग इस उम्मीद में हैं कि प्रशासन जल्द ही कोई ठोस कदम उठाएगा ताकि उन्हें गंदगी से राहत मिल सके।
यह हड़ताल केवल भिवानी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे हरियाणा में नगर पालिका कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लामबंद हैं। स्थानीय प्रशासन अब सरकार के अगले निर्देश का इंतजार कर रहा है, जबकि शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!