भिंड: वेतन कटौती से नाराज सफाई कर्मचारियों का नगर पालिका में जोरदार प्रदर्शन
भिंड नगर पालिका भिंड में सफाई कर्मचारियों ने सोमवार को वेतन में हो रही कटौती के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी नगर पालिका परिसर में धरने पर बैठ गए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

भिंड नगर पालिका में कार्यरत सफाई कर्मचारियों ने सोमवार को अपने वेतन में की जा रही मनमानी कटौती के विरोध में मोर्चा खोल दिया। बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी नगर पालिका परिसर में एकत्रित हुए और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से उनके मासिक वेतन में से बड़ी राशि काटी जा रही है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
हर महीने 3 से 4 हजार रुपये की कटौती
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि और भाजपा नेता सुनील बाल्मीकि ने बताया कि सफाई कर्मचारियों को प्रतिमाह करीब 12 हजार रुपये का वेतन मिलता है। इसमें से भी हर महीने 3 से 4 हजार रुपये की कटौती की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन-चार महीनों से यह सिलसिला लगातार जारी है, जिससे कर्मचारियों का परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। कम वेतन मिलने के कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक वेतन कटौती बंद नहीं की जाती और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे। कर्मचारियों ने मांग की है कि वेतन में कटौती तत्काल प्रभाव से रोकी जाए और उनके वेतन में उचित बढ़ोतरी की जाए ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
संसाधनों का अभाव और भविष्य की चिंता
सुनील बाल्मीकि ने सफाई कर्मचारियों को समाज का योद्धा बताते हुए कहा कि ये कर्मचारी सुबह से ही शहर की स्वच्छता के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। इसके बावजूद उनके हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि न केवल वेतन में कटौती हो रही है, बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद भी कर्मचारियों के भविष्य के लिए कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। उन्होंने प्रशासन से कर्मचारियों के कल्याण के लिए उचित कदम उठाने की अपील की है।
इसके अलावा, कर्मचारियों ने सफाई कार्य के लिए जरूरी उपकरणों और संसाधनों की कमी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि पर्याप्त उपकरण न होने के कारण शहर में सफाई अभियान चलाने में उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि सफाई कार्य को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक संसाधन तुरंत उपलब्ध कराए जाएं।
दबाव बनाकर वसूली की जांच की मांग
प्रदर्शन के दौरान एक गंभीर आरोप भी सामने आया है। कर्मचारियों ने दावा किया कि वेतन वितरण और अन्य प्रशासनिक कार्यों के दौरान कुछ लोगों द्वारा उन पर दबाव बनाकर पैसे वसूले जाते हैं। कर्मचारियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति इस तरह की अवैध वसूली में शामिल है, उसे चिन्हित कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
लगभग 3 से 4 घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। अब देखना यह होगा कि नगर पालिका प्रशासन इन मांगों पर क्या रुख अपनाता है और सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कब तक हो पाता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!