भीलवाड़ा में ट्रैफिक पुलिस का सख्त एक्शन: गाड़ियों से हटवाई काली फिल्म और जातिसूचक शब्द
भीलवाड़ा पुलिस ने गाड़ियों से ब्लैक फिल्में हटवाई। गाड़ियों की चेकिंग कर काली फिल्म हटवाई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

भीलवाड़ा शहर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। बुधवार को ट्रैफिक पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत सड़कों पर उतरकर उन चार पहिया वाहनों की जांच की, जिनके शीशों पर काली फिल्म लगी हुई थी या जिन पर जातिसूचक शब्द लिखे गए थे। पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से वाहन चालकों में हड़कंप मच गया।
यातायात सुरक्षा पखवाड़े के तहत कार्रवाई
राजस्थान में इन दिनों यातायात सुरक्षा पखवाड़ा मनाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत 2 जुलाई को हुई थी। इसी क्रम में भीलवाड़ा ट्रैफिक पुलिस ने सर्किट हाउस चौराहे पर सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान दर्जनों वाहनों को रुकवाकर न केवल काली फिल्में हटवाई गईं, बल्कि वाहनों पर लिखे गए आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों को भी मिटवाया गया। पुलिस का यह अभियान 16 जुलाई तक निरंतर जारी रहेगा।
अभियान के दौरान पुलिस ने केवल काली फिल्मों पर ही ध्यान केंद्रित नहीं किया, बल्कि यातायात के अन्य नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए भी सख्त कदम उठाए। सीट बेल्ट न लगाने वाले चालकों के मौके पर ही चालान काटे गए और उनसे जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा, दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक किया गया और नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की गई।
बाल वाहिनियों की भी हुई जांच
ट्रैफिक पुलिस की टीम ने इस अभियान के दौरान स्कूली बच्चों को ले जाने वाली 'बाल वाहिनियों' को भी रुकवाकर उनकी गहन जांच की। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो और वाहन चालक सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हों। पुलिस ने वाहन चालकों को चेतावनी दी कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने पर और अधिक सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यातायात प्रभारी टेपण ने बताया कि इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस की टीमें तैनात की गई हैं, जो प्रमुख चौराहों पर वाहनों की जांच कर रही हैं। पुलिस का प्रयास है कि लोग खुद से नियमों का पालन करें ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।
चालकों में दिखा पुलिस का खौफ
पुलिस की इस मुस्तैदी का असर सड़कों पर साफ देखा गया। जैसे ही वाहन चालकों को पुलिस की चेकिंग का पता चला, कई लोग पुलिस से बचने के लिए अपने रास्ते बदलते हुए नजर आए। जो चालक नियमों का पालन नहीं कर रहे थे, वे मुख्य मार्गों के बजाय गलियों से होकर गुजरने की कोशिश करते दिखे। हालांकि, पुलिस की टीमें शहर के कई प्रमुख बिंदुओं पर तैनात रहीं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 16 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। काली फिल्म और जातिसूचक शब्दों के अलावा, बिना वैध दस्तावेजों के वाहन चलाने वालों पर भी पुलिस की पैनी नजर है। पुलिस ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को नियमानुसार रखें और सड़क सुरक्षा के नियमों का पूर्णतः पालन करें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!