भीलवाड़ा में स्कॉर्पियो चोरी का खुलासा: 63 मामलों में वांछित अंतरराज्यीय चोर गिरफ्तार
यह था मामला

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

भीलवाड़ा पुलिस की बड़ी कामयाबी
भीलवाड़ा जिले की सुभाष नगर थाना पुलिस ने वाहन चोरी की एक बड़ी वारदात का पर्दाफाश करते हुए एक शातिर अंतरराज्यीय वाहन चोर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी के पास से पुलिस ने चोरी की गई स्कॉर्पियो के साथ ही वारदात में उपयोग की गई एक अल्ट्रोज कार भी बरामद की है। यह आरोपी लंबे समय से पुलिस की रडार पर था और उस पर राज्य के विभिन्न थानों में 63 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
घटना की शुरुआत 11 जून को हुई थी, जब पालड़ी चौराहे के निवासी दिनेश कुमार की स्कॉर्पियो उनके घर के बाहर से चोरी हो गई थी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर पता चला कि कुछ बदमाश अल्ट्रोज कार में सवार होकर आए थे और बड़ी चतुराई से स्कॉर्पियो का लॉक तोड़कर उसे ले उड़े।
सीसीटीवी और मुखबिरों की मदद से हुई पहचान
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुभाष नगर थाना पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ मुखबिरों से मिली सूचनाओं और संदिग्धों के संभावित रूट चार्ट का विश्लेषण किया। जांच का दायरा ब्यावर, अजमेर, किशनगढ़, जयपुर, जोधपुर और बाड़मेर तक फैलाया गया। पुलिस की मेहनत तब रंग लाई जब आरोपी की पहचान सवाई माधोपुर जिले के बामनवास निवासी कुंजीलाल उर्फ बन्ने सिंह गुर्जर के रूप में हुई।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी कुंजीलाल पहले भी वाहन चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। वर्ष 2022 में भी उसे इसी तरह के एक अपराध में गिरफ्तार किया गया था। कॉन्स्टेबल सुनील ने आरोपी की पुरानी तस्वीरों और डेटाबेस के जरिए उसकी पहचान सुनिश्चित की, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तारी
जांच के दौरान पता चला कि आरोपी किसी अन्य मामले में जयपुर सेंट्रल जेल में बंद है। इसके बाद सुभाष नगर पुलिस ने डीएसटी जयपुर की सहायता से उसे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। अदालत से पांच दिन का रिमांड मिलने के बाद पुलिस ने उससे कड़ी पूछताछ की। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बाड़मेर से चोरी की गई स्कॉर्पियो बरामद की और वारदात में इस्तेमाल की गई अल्ट्रोज कार को भी जब्त कर लिया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कई अन्य वारदातों में अपनी संलिप्तता के संकेत दिए हैं। उस पर दर्ज 63 मामलों की संख्या यह दर्शाती है कि वह एक पेशेवर अपराधी है जो लंबे समय से अंतरराज्यीय स्तर पर वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थाना प्रभारी कैलाश कुमार, एएसआई मुकेश और कॉन्स्टेबल सोनू, सुनील बिश्नोई व रतन शामिल थे।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी किए गए वाहनों को वह कहां खपाता था और इस गिरोह में उसके साथ और कौन-कौन शामिल हैं। आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य चोरी के वाहनों की बरामदगी की भी उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम लगेगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!