भरतपुर: बेरोजगारी भत्ते की हाजिरी के नाम पर रिश्वत मांग रहा नर्सिंग ऑफिसर एसीबी के हत्थे चढ़ा
भरतपुर ACB की टीम ने 1 हजार रुपए की रिश्वत लेते नर्सिंग ऑफिसर को रंगे हाथों पकड़ा है। नर्सिंग ऑफिसर बेरोजगारी भत्ते में पीड़ित को हाजिर दिखाने और उसकी हाजिरी ऑनलाइन करने के बदले 2 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

बेरोजगारी भत्ते के सत्यापन के नाम पर वसूली
राजस्थान के भरतपुर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। हलैना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात एक सेकंड ग्रेड नर्सिंग ऑफिसर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी नर्सिंग ऑफिसर पर बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने वाले युवाओं की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करने के बदले अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप है।
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सिंह के अनुसार, आरोपी की पहचान मुरारी लाल मीणा के रूप में हुई है। शिकायतकर्ता ने एसीबी को दी गई सूचना में बताया था कि नर्सिंग ऑफिसर उसे बेरोजगारी भत्ते के लिए जरूरी हाजिरी को ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने के लिए लगातार परेशान कर रहा था और इसके एवज में पैसों की मांग कर रहा था।
हर महीने तय थी रिश्वत की रकम
जांच में सामने आया है कि आरोपी नर्सिंग ऑफिसर ने बेरोजगारी भत्ते के सत्यापन के लिए प्रति माह 500 रुपये की रिश्वत राशि तय कर रखी थी। शिकायतकर्ता के चार महीने के बकाया काम के लिए आरोपी ने कुल 2000 रुपये की मांग की थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया, जिसके दौरान आरोपी ने परिवादी से 500 रुपये पहले ही ले लिए थे।
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान ही परिवादी और आरोपी के बीच शेष राशि को लेकर मोलभाव हुआ, जिसके बाद 1500 रुपये में सौदा तय हुआ। इस पूरी प्रक्रिया की पुष्टि होने के बाद एसीबी की टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने की योजना तैयार की।
एसीबी का ट्रैप और गिरफ्तारी
योजना के मुताबिक, जब परिवादी शेष 1000 रुपये की रिश्वत राशि लेकर नर्सिंग ऑफिसर के पास पहुंचा, तो एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 1000 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई। रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद एसीबी ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी से कड़ी पूछताछ कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या वह अन्य लाभार्थियों से भी इसी तरह अवैध वसूली कर रहा था। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय महकमे में हड़कंप मच गया है।
एसीबी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसी भी कर्मचारी को रिश्वत देने की आवश्यकता नहीं है और यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी ऐसी मांग करता है, तो आमजन को तुरंत एसीबी को सूचित करना चाहिए।
आरोपी नर्सिंग ऑफिसर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। अब उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां से उसे न्यायिक हिरासत या रिमांड पर भेजा जा सकता है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!