ब्रेकिंग
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव

बेगूसराय: जर्जर डगमारा पुल की मरम्मत का काम शुरू, ग्रामीणों ने नए निर्माण की रखी मांग

फिलहाल डगमारा पुल के ईंट से बने पिलरों की चिनाई और प्लास्टर का कार्य कराया जा रहा है। वर्षों से जर्जर पड़े इस पुल पर मरम्मत कार्य शुरू होने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

20 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
बेगूसराय: जर्जर डगमारा पुल की मरम्मत का काम शुरू, ग्रामीणों ने नए निर्माण की रखी मांग
मूल स्रोत

दो दशक पुराने पुल की सुध लेने के बाद शुरू हुआ काम

बेगूसराय जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत रजौरा-चांदपुरा मुख्य मार्ग पर स्थित डगमारा पुल की जर्जर स्थिति को लेकर स्थानीय निवासियों की चिंता अब कुछ हद तक कम होती दिख रही है। करीब 20 साल पुराना यह पुल लंबे समय से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा था, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। हाल ही में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद संबंधित विभाग ने पुल की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है।

वर्तमान में पुल के ईंट से बने पिलरों की चिनाई और प्लास्टर का कार्य तेजी से किया जा रहा है। वर्षों से उपेक्षित पड़े इस ढांचे पर काम शुरू होने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। इस मार्ग का उपयोग करने वाले राहगीरों का कहना है कि पुल की स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि भारी वाहनों का गुजरना जोखिम भरा हो गया था।

विधायक ने विधानसभा में उठाई थी आवाज

पुल की जर्जर स्थिति की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय नगर विधायक कुंदन कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने न केवल प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया, बल्कि विधानसभा सत्र के दौरान नए पुल के निर्माण की मांग भी पुरजोर तरीके से रखी। विधायक की पहल और जनदबाव के बाद ही विभाग ने फिलहाल पुराने पुल को सुरक्षित करने के लिए मरम्मत कार्य को मंजूरी दी है।

सदर प्रखंड के उपप्रमुख आनंद राज ने बताया कि मरम्मत कार्य एक तात्कालिक राहत तो है, लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रजौरा-चांदपुरा मार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए केवल मरम्मत से काम नहीं चलेगा। भविष्य में किसी भी अनहोनी को टालने के लिए यहां एक नए और मजबूत पुल का निर्माण अनिवार्य है।

स्थायी समाधान के लिए नए निर्माण की मांग

स्थानीय ग्रामीणों में बबलू महतो, नाथो महतो, संतोष कुमार, अमित कुमार, वीरेंद्र महतो, प्रशांत कुमार और राहुल कुमार ने एक स्वर में कहा कि मरम्मत से पुल की उम्र कुछ समय के लिए बढ़ सकती है, लेकिन इसकी संरचना अब भारी यातायात का बोझ उठाने में सक्षम नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द नए पुल की आधारशिला रखी जाए।

ग्रामीणों का तर्क है कि इस मार्ग से रोजाना हजारों लोगों का आवागमन होता है, जिसमें स्कूली बच्चे और बीमार व्यक्ति भी शामिल हैं। जर्जर पुल के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, इसलिए सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

फिलहाल मरम्मत कार्य जारी रहने से राहगीरों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन प्रशासन के सामने अब नए पुल के निर्माण की चुनौती है। स्थानीय लोगों की मांग है कि सरकार और जिला प्रशासन इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और यातायात के बढ़ते दबाव को ध्यान में रखते हुए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करे।

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या विभाग केवल मरम्मत तक सीमित रहता है या फिर नए पुल के निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम उठाता है। फिलहाल, स्थानीय लोग पुल के काम को लेकर सतर्क हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी सुरक्षा के लिए जल्द ही कोई बड़ा निर्णय लिया जाएगा।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें