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बाड़मेर: रामसर में बिना पंजीकरण चल रहा डेंटल क्लिनिक स्वास्थ्य विभाग ने किया सीज

बाड़मेर हेल्थ विभाग ने रामसर ब्लॉक में चल रहे अवैध क्लिनिक को सीज की कार्रवाई की है। उसके पास में क्लिनिक का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं था।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

20 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
बाड़मेर: रामसर में बिना पंजीकरण चल रहा डेंटल क्लिनिक स्वास्थ्य विभाग ने किया सीज
मूल स्रोत

बिना पंजीकरण के चल रहा था डेंटल क्लिनिक

बाड़मेर जिले के रामसर ब्लॉक में स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित डेंटल क्लिनिक को सीज कर दिया है। लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि यह क्लिनिक बिना किसी वैध पंजीकरण के मरीजों का उपचार कर रहा है। विभाग की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संचालक के पास क्लिनिक चलाने के लिए जरूरी लाइसेंस मौजूद नहीं था।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रामसर क्षेत्र में 'सहयोग हॉस्पिटल डेंटल क्लिनिक' के नाम से यह केंद्र संचालित किया जा रहा था। क्लिनिक का संचालन राहुल नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था, जो कि एक डेंटल डॉक्टर हैं। विभाग की प्रारंभिक जांच में ही यह सामने आया था कि क्लिनिक का पंजीकरण नहीं कराया गया है, जो कि चिकित्सा नियमों का सीधा उल्लंघन है।

नोटिस के बाद भी नहीं सुधरे हालात

यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई, बल्कि विभाग ने संचालक को कई बार चेतावनी दी थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूर्व में भी क्लिनिक को मौखिक रूप से पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद जब संचालक ने नियमों की अनदेखी जारी रखी, तो सीएमएचओ कार्यालय की ओर से औपचारिक नोटिस जारी किए गए थे।

सूत्रों के अनुसार, हाल ही में सीएमएचओ ने संचालक को दो दिन का अंतिम समय देते हुए पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण करने का स्पष्ट निर्देश दिया था। हालांकि, निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब कोई सुधार नहीं हुआ, तो बीसीएमओ की टीम ने रविवार को मौके पर पहुंचकर क्लिनिक को सीज करने की कार्रवाई को अंजाम दिया।

स्वास्थ्य विभाग की सख्त चेतावनी

इस मामले पर बाड़मेर के सीएमएचओ डॉ. विष्णुराम विश्नोई ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का क्लिनिक या अस्पताल चलाने के लिए वैध पंजीकरण अनिवार्य है। बिना लाइसेंस के चिकित्सा कार्य करना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि यह मरीजों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से ऐसे अवैध केंद्रों के खिलाफ लगातार निगरानी रखी जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मानकों को बनाए रखने के लिए पंजीकरण जरूरी है। बिना पंजीकरण के चल रहे केंद्रों के कारण मरीजों को उचित उपचार मिलने में जोखिम हो सकता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी यदि कोई बिना पंजीकरण के क्लिनिक संचालित करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आगे की कार्रवाई की तैयारी

रामसर ब्लॉक में हुई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य चिकित्सा केंद्रों में भी हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग अब उन सभी केंद्रों की सूची तैयार कर रहा है जिनके पंजीकरण की अवधि समाप्त हो चुकी है या जिन्होंने अभी तक पंजीकरण नहीं करवाया है। विभाग की टीम आने वाले दिनों में और भी औचक निरीक्षण कर सकती है ताकि चिकित्सा व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।

फिलहाल सीज किए गए क्लिनिक के मामले में विभाग आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहा है। संचालक को भविष्य में क्लिनिक खोलने के लिए पहले सभी आवश्यक सरकारी मानकों को पूरा करना होगा और पंजीकरण प्रक्रिया से गुजरना होगा। स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी क्लिनिक में जाने से पहले उसके पंजीकरण की वैधता की जांच अवश्य कर लें।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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