बहादुरगढ़: रोहित गोदारा गैंग के दो गुर्गे पुलिस रिमांड पर, हथियारों की खेप बरामदगी मामले में पूछताछ जारी
अंकित उर्फ बिट्टू और भवानी उर्फ मोनू को पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि रितिक उर्फ कालू और सिद्धार्थ को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। रिमांड पर लिए गए आरोपियों से हथियारों की सप्लाई और गैंग से जुड़े नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जा रही है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में गैंगस्टर रोहित गोदारा के नेटवर्क पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हाल ही में एसटीएफ (STF) द्वारा गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में से दो को अदालत ने पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इन आरोपियों पर गैंग को अवैध हथियारों की सप्लाई करने और आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का गंभीर आरोप है।
दो आरोपी रिमांड पर, दो भेजे गए जेल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में से अंकित उर्फ बिट्टू और भवानी उर्फ मोनू को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया है। वहीं, मामले के अन्य दो आरोपी रितिक उर्फ कालू और सिद्धार्थ को अदालत के आदेश के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस अंकित और भवानी से हथियारों के स्रोत और गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटा रही है।
एसटीएफ की बहादुरगढ़ यूनिट ने एक खुफिया सूचना के आधार पर इन चारों को एक ब्रेजा कार में सवार होकर जाते हुए दबोचा था। तलाशी के दौरान पुलिस ने इनके पास से तीन पिस्तौल, सात मैगजीन और तीन कारतूस बरामद किए थे। इसके अलावा, जिस कार का इस्तेमाल ये लोग कर रहे थे, उसे भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।
आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी पहले भी कई आपराधिक मामलों में नामजद रह चुके हैं। अंकित उर्फ बिट्टू के खिलाफ सदर दादरी थाने में नौ मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें आर्म्स एक्ट, जान से मारने की धमकी और मारपीट जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। वहीं, भवानी उर्फ मोनू के खिलाफ भी छह मामले दर्ज हैं, जिनमें एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसी धाराएं लगी हुई हैं।
अन्य दो आरोपियों का भी आपराधिक इतिहास रहा है। रितिक उर्फ कालू के खिलाफ दादरी सदर के अलावा राजस्थान के पिलानी थाने में भी मामले दर्ज हैं। वहीं, सिद्धार्थ पर भी आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है, जो उसकी संलिप्तता को दर्शाता है।
हथियार सप्लाई नेटवर्क की तलाश
प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इन हथियारों की सप्लाई रोहित गोदारा गैंग के सक्रिय सदस्य नवीन बॉक्सर के माध्यम से की जा रही थी। एसटीएफ अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है कि ये हथियार कहां से खरीदे गए थे और इन्हें किन वारदातों को अंजाम देने के लिए लाया गया था।
पुलिस का मुख्य उद्देश्य अब यह पता लगाना है कि इस गैंग के तार और कहां-कहां फैले हुए हैं। रिमांड के दौरान मिलने वाली जानकारियों के आधार पर पुलिस आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां कर सकती है। इस कार्रवाई को गैंग की कमर तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
फिलहाल, बहादुरगढ़ पुलिस और एसटीएफ की टीमें संयुक्त रूप से मामले की गहन जांच कर रही हैं। क्षेत्र में सक्रिय अन्य संदिग्धों पर भी नजर रखी जा रही है ताकि गैंग की गतिविधियों पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!