औरंगाबाद: अस्पताल के पीछे नाले में मिला अज्ञात युवक का शव, इलाके में फैली सनसनी
औरंगाबाद नगर थाना क्षेत्र के कथरुआ में शुक्रवार की शाम डॉ. आसित रंजन के अस्पताल के पीछे नाले से एक अज्ञात युवक का शव मिला। नाले में शव देख स्थानीय लोगों ने तत्काल नगर थाना पुलिस को सूचना दी।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

नाले में मिला शव, इलाके में हड़कंप
बिहार के औरंगाबाद जिले के नगर थाना क्षेत्र स्थित कथरुआ मोहल्ले में शुक्रवार की शाम एक अज्ञात युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने डॉ. आसित रंजन के अस्पताल के पीछे बने नाले में शव को तैरते हुए देखा, जिसके बाद तुरंत पुलिस को इस घटना की सूचना दी गई। शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। नाले में पानी का स्तर कमर से अधिक होने के कारण शव को बाहर निकालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शव पिछले दो से तीन दिनों से नाले के गंदे पानी में पड़ा हुआ था, जिसके कारण वह काफी गल चुका था और आसपास के इलाके में तेज दुर्गंध फैल रही थी।
मृतक की पहचान की कोशिशें जारी
पुलिस के अनुसार, मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष के बीच प्रतीत हो रही है। युवक ने टी-शर्ट और लोअर पहन रखा था। शव का चेहरा पानी की ओर होने के कारण उसकी पहचान करना स्थानीय लोगों के लिए मुश्किल हो रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने मृतक की तस्वीर को आसपास के थानों में प्रसारित कर दिया है और सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों से मदद मांगी जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक कौन था और वह इस इलाके तक कैसे पहुंचा।
हत्या की आशंका से इनकार नहीं
स्थानीय निवासियों के बीच इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों ने आशंका जताई है कि युवक की हत्या कहीं और की गई होगी और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को नाले में लाकर फेंक दिया गया। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी भी प्रकार की हत्या की पुष्टि नहीं की है और मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, पुलिस फॉरेंसिक साक्ष्यों और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की तैयारी कर रही है ताकि घटना के पीछे के सच का पता चल सके।
72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाएगा शव
नगर थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सरकारी प्रावधानों के अनुसार, शव को पहचान के लिए 72 घंटे तक पुलिस अभिरक्षा में रखा जाएगा। यदि इस अवधि के दौरान मृतक के परिजनों का पता चल जाता है, तो शव उन्हें सौंप दिया जाएगा। यदि पहचान नहीं हो पाती है, तो पुलिस नियमानुसार आगे की कार्रवाई करते हुए शव का अंतिम संस्कार कराएगी।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!