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प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत का बांग्लादेश से पिछड़ना चिंताजनक: अरविंद केजरीवाल

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए भारत की प्रति व्यक्ति आय को लेकर चिंता व्यक्त की है। अरविंद केजरीवाल ने अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि देश की प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत अब पड़ोसी देश बांग्लादेश से भी पीछे हो गया है।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

21 अगस्त 2026 अपडेट 21 अगस्त 20262 मिनट पढ़ें
प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत का बांग्लादेश से पिछड़ना चिंताजनक: अरविंद केजरीवाल
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केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर केजरीवाल का तीखा प्रहार

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया है कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत अब अपने पड़ोसी देश बांग्लादेश से भी पीछे हो गया है। केजरीवाल ने इसे देश के लिए एक चिंताजनक स्थिति करार दिया है।

केजरीवाल के अनुसार, वर्तमान में भारत की सालाना प्रति व्यक्ति आय लगभग 2800 डॉलर है, जबकि बांग्लादेश ने इसमें सुधार करते हुए 2900 डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया है। उन्होंने कहा कि यह तुलना देश की गिरती आर्थिक स्थिति को दर्शाती है और सरकार को इस पर आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है।

2014 से अब तक का तुलनात्मक अंतर

केजरीवाल ने वर्ष 2014 के आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि जब केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार का कार्यकाल शुरू हुआ था, तब भारत की स्थिति बांग्लादेश की तुलना में काफी बेहतर थी। उस समय भारत की प्रति व्यक्ति आय 1600 डॉलर थी, जबकि बांग्लादेश की आय 1100 डॉलर थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में गलत आर्थिक नीतियों के कारण भारत इस दौड़ में पिछड़ गया है।

उन्होंने वैश्विक स्तर पर अन्य देशों की स्थिति का उदाहरण देते हुए बताया कि स्विट्जरलैंड की प्रति व्यक्ति आय 1,15,000 डॉलर, सिंगापुर की 99,000 डॉलर और अमेरिका की 90,000 डॉलर है। इन विकसित देशों के मुकाबले भारत की स्थिति को उन्होंने निराशाजनक बताया है।

विकास के दावों और हकीकत में अंतर

आम आदमी पार्टी के प्रमुख ने कहा कि 2014 में देश की जनता ने बड़ी उम्मीदों के साथ नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री चुना था। उस समय देश को 'विश्व गुरु' बनाने और विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में खड़ा करने का वादा किया गया था। केजरीवाल ने दावा किया कि सरकार के दावों और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर है।

उन्होंने आगे कहा कि आर्थिक मोर्चे पर सरकार की विफलता का ही परिणाम है कि आज भारत प्रति व्यक्ति आय के मामले में बांग्लादेश जैसे छोटे पड़ोसी देश से भी पीछे छूट गया है। उन्होंने इसे देश के आर्थिक प्रबंधन की बड़ी चूक बताया है।

आर्थिक भविष्य पर उठते सवाल

केजरीवाल के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार से आर्थिक आंकड़ों और देश की विकास दर पर स्पष्टीकरण मांग रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आने वाले समय में यह मुद्दा संसद और सार्वजनिक मंचों पर और अधिक जोर पकड़ सकता है। देश की जनता अब यह देखना चाहती है कि सरकार इन आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है और अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लाने के लिए क्या नई नीतियां अपनाती है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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