अंकित बालियान हत्याकांड: करनाल से सिम खरीदकर शामली पहुंचे थे शूटर, सीसीटीवी फुटेज से बड़ा खुलासा
हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे शूटर आर्यन सिंधू और सत्यम कादियान के करनाल की एक मोबाइल शॉप से सिम खरीदने की सीसीटीवी फुटेज सामने आई है। फुटेज में दोनों मोबाइल शॉप पर नजर आ रहे हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

करनाल की मोबाइल शॉप से मिला अहम सुराग
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में पुलिस को एक महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज हाथ लगी है। इस फुटेज में हत्याकांड को अंजाम देने वाले दो मुख्य आरोपी आर्यन सिंधू और सत्यम कादियान करनाल की एक मोबाइल दुकान पर सिम कार्ड खरीदते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस के अनुसार, यह फुटेज वारदात से महज तीन घंटे पहले की है, जो आरोपियों की सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करती है।
वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि आरोपी दुकान पर पहुंचकर अपना मोबाइल फोन दुकानदार को देते हैं और नया सिम कार्ड एक्टिवेट करवाते हैं। इस दौरान एक आरोपी पानी पीते हुए भी नजर आता है। पुलिस अब इस सिम कार्ड की कॉल डिटेल और उससे जुड़ी तकनीकी जानकारियों को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वारदात से पहले और बाद में उन्होंने किन लोगों से संपर्क किया था।
इनाम की राशि बढ़ी, पुलिस की टीमें सक्रिय
उत्तर प्रदेश पुलिस ने फरार चल रहे दोनों शूटर्स पर इनाम की राशि बढ़ाकर एक-एक लाख रुपये कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें उत्तर प्रदेश और हरियाणा के अलावा गुजरात और अहमदाबाद तक दबिश दे रही हैं। पुलिस का मानना है कि दोनों ने वारदात को अंजाम देने के लिए अपने पुराने मोबाइल फोन बंद कर दिए थे और नए सिम का इस्तेमाल किया था, जिसे बाद में नष्ट कर दिया गया।
बीते 26 अगस्त की शाम को शामली में जिम से बाहर निकलते ही 32 वर्षीय सिंगर अंकित बालियान को हमलावरों ने घेरकर 18 राउंड गोलियां मारी थीं। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इस घटना के बाद से ही पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी है और उनके डिजिटल फुटप्रिंट्स की निगरानी कर रही है।
गोगी गैंग से जुड़ा है मामला
इस हत्याकांड की जांच में पहले भी कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इससे पूर्व 31 अगस्त को पुलिस ने गोगी गैंग से जुड़े दो इनामी बदमाशों मोहित और सुमित को एक मुठभेड़ में मार गिराया था। उस दौरान हुई फायरिंग में पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोलियां लगी थीं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आर्यन और सत्यम भी इसी गैंग से जुड़े हैं या किसी अन्य साजिश का हिस्सा हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए तकनीकी रूप से काफी सावधानी बरती थी। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए पुलिस उनकी गतिविधियों का पूरा ब्योरा तैयार कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अंतिम चरण में है और जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई
जांच अधिकारी इस बात पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि सिम कार्ड किसके नाम पर लिया गया था और उसे किस मोबाइल हैंडसेट में इस्तेमाल किया गया। पुलिस को आशंका है कि वारदात के बाद भी कुछ समय तक यह सिम एक्टिव था, जिससे आरोपियों की अंतिम लोकेशन का पता लगाया जा सकता है। आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी निगरानी में रखा गया है और उन्हें डीएक्टिवेट कर दिया गया है।
शामली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस हत्याकांड में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय स्तर पर भी पुलिस की टीमें संदिग्धों पर नजर बनाए हुए हैं। अंकित बालियान की हत्या के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल था और अब पुलिस की प्राथमिकता जल्द से जल्द फरार शूटर्स को सलाखों के पीछे भेजने की है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!