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अलवर मंडी में बाजरे की बंपर आवक: कीमतों में उछाल, सरसों और कपास के दाम भी बढ़े

अलवर कृषि उपज मंडी में बाजरे की आवक तेज हो गई है। इन दिनों मंडी में रोजाना करीब 20 से 25 हजार कट्टे बाजरा पहुंच रहा है।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

25 सितंबर 20263 मिनट पढ़ें
अलवर मंडी में बाजरे की बंपर आवक: कीमतों में उछाल, सरसों और कपास के दाम भी बढ़े
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अलवर कृषि उपज मंडी में बाजरे की रिकॉर्ड आवक

राजस्थान के अलवर स्थित कृषि उपज मंडी में इन दिनों किसानों की भारी भीड़ देखी जा रही है। मंडी में बाजरे की बंपर आवक हो रही है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आंकड़ों के अनुसार, मंडी में प्रतिदिन लगभग 20 से 25 हजार कट्टे बाजरा पहुंच रहा है। आवक में हुई इस भारी वृद्धि के बावजूद बाजार में कीमतों का रुख सकारात्मक बना हुआ है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है।

व्यापारियों के अनुसार, बाजरे की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर उत्पादित बाजरे के भाव वर्तमान में 2,000 से 2,200 रुपए प्रति क्विंटल के बीच बने हुए हैं। कुछ समय पूर्व तक यह भाव 1,800 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास थे, यानी कीमतों में 200 से 400 रुपए तक की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, गुजरात से आने वाले उच्च गुणवत्ता वाले बाजरे की कीमत 2,350 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है।

सरसों और चने की कीमतों में भी तेजी

बाजरे के अलावा मंडी में अन्य प्रमुख कृषि जिंसों के भाव में भी तेजी का रुझान देखने को मिला है। सरसों के भाव में 150 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है, जिसके बाद यह 8,150 रुपए प्रति क्विंटल के स्तर पर कारोबार कर रही है। इसके साथ ही दलहन फसलों में चने की कीमतों में भी उछाल आया है। चने के भाव में 600 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई है, जिससे यह अब 6,750 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मंडी में फसलों की आवक और बाजार की मांग के आधार पर इन कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। व्यापारियों का कहना है कि गुणवत्ता के आधार पर भी कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है, जिससे किसानों को अपनी फसल की सफाई और ग्रेडिंग पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।

कपास के दामों में बड़ा उछाल, गेहूं स्थिर

मंडी में कपास की कीमतों में सबसे अधिक तेजी देखी गई है। कपास के भाव में 800 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद अब यह 8,800 से 8,900 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रही है। कपास की मांग में आई इस तेजी से किसानों में उत्साह है। दूसरी ओर, गेहूं के भाव में फिलहाल स्थिरता बनी हुई है। गेहूं के दाम 2,600 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर हैं और इसमें किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं मिले हैं।

मंडी प्रशासन और व्यापारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में आवक का दबाव बना रह सकता है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी उपज को सही समय पर और उचित भाव मिलने पर ही बेचें। मंडी में व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा भी प्रयास किए जा रहे हैं ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कुल मिलाकर, अलवर मंडी में कृषि उत्पादों की कीमतों में आई यह तेजी स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। हालांकि, बाजार के जानकारों का कहना है कि वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर जिंसों की मांग में होने वाले बदलावों का असर आने वाले हफ्तों में स्थानीय मंडी पर भी पड़ सकता है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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