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अलवर जिला अस्पताल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, वार्डों में पसरी गंदगी और बदबू

नगर निगम के बराबर सैलरी की मांग अलवर जिला अस्पताल में ठेके पर कार्यरत सफाई कर्मचारी कम वेतन और ठेकेदार की मनमानी के विरोध में सोमवार से हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में जमकर प्रदर्शन किया और समान कार्य, समान वेतन की मांग उठाई।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

27 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें
अलवर जिला अस्पताल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, वार्डों में पसरी गंदगी और बदबू
मूल स्रोत

वेतन विसंगति को लेकर सफाई कर्मियों का प्रदर्शन

अलवर जिला अस्पताल में कार्यरत ठेका सफाई कर्मचारियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें बेहद कम वेतन दिया जा रहा है और ठेकेदार की मनमानी के कारण उनका शोषण हो रहा है। इस हड़ताल के चलते अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिसका सीधा खामियाजा मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का मुख्य मुद्दा 'समान कार्य, समान वेतन' है। कर्मचारियों के अनुसार, नगर निगम में ठेके पर काम करने वाले सफाई कर्मियों को प्रतिमाह 10,500 रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जबकि जिला अस्पताल में काम करने वाले कर्मियों को केवल 6,000 रुपये ही मिल रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि उनके वेतन को निगम के कर्मचारियों के बराबर किया जाए।

ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल

हड़ताल में शामिल जितेंद्र नंदा और अन्य महिला कर्मियों ने बताया कि अस्पताल प्रशासन बार-बार ठेकेदार बदल देता है, जिससे कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा और वेतन भुगतान को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीएफ (PF) कटौती के नाम पर काटी जा रही राशि का कोई स्पष्ट हिसाब उन्हें नहीं दिया जाता। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से इन समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

कर्मचारियों के अनुसार, ठेकेदार की मनमानी के कारण उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलता और न ही उन्हें उचित सुविधाएं दी जाती हैं। बार-बार ठेकेदार बदलने से कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटका रहता है, जिसके विरोध में उन्होंने काम बंद करने का निर्णय लिया है।

मरीजों की परेशानी और अस्पताल की बदहाल स्थिति

सफाई कार्य ठप होने का असर अस्पताल के वार्डों और गलियारों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। कचरा जमा होने और सफाई न होने के कारण वार्डों में बदबू फैल गई है, जिससे भर्ती मरीजों के लिए संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को गंदगी के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।

अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सफाई का ठेका संबंधित एजेंसी को दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विवाद पूरी तरह से कर्मचारियों और ठेकेदार के बीच का है, इसलिए इसका समाधान भी ठेकेदार को ही करना होगा। अस्पताल प्रशासन ने इस मामले में सीधे तौर पर हस्तक्षेप करने से फिलहाल पल्ला झाड़ लिया है।

आगे की स्थिति

फिलहाल, सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों के पूरा होने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी है। यदि अस्पताल प्रशासन या ठेकेदार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता है, तो आने वाले दिनों में अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था और अधिक बिगड़ सकती है। मरीजों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस विवाद का जल्द समाधान निकलना आवश्यक है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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