अजमेर: नशे में धुत होकर स्कूल पहुंचे कार्यवाहक प्रिंसिपल, मैदान में सोए तो ग्रामीणों ने संभाला
अजमेर जिले के केकड़ी विधानसभा क्षेत्र के सावर उपखंड में सरकारी स्कूल में एडिशनल प्रिंसिपल के नशे में पहुंचने का मामला सामने आया है। मीणों का नयागांव ग्राम पंचायत के उंदरी गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के एडिशनल प्रिंसिपल भीमाराम शराब के नशे में स्कूल पहुंचे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

स्कूल परिसर में प्रिंसिपल की शर्मनाक हरकत
राजस्थान के अजमेर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां केकड़ी विधानसभा क्षेत्र के सावर उपखंड स्थित एक सरकारी स्कूल के कार्यवाहक प्रिंसिपल शराब के नशे में धुत होकर स्कूल पहुंच गए। उंदरी गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात इस शिक्षक की हालत इतनी खराब थी कि वे स्कूल के खेल मैदान में ही बेसुध होकर सो गए।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें शिक्षक को जमीन पर लेटे हुए देखा जा सकता है। ग्रामीणों के अनुसार, जब उन्हें इस बात की जानकारी मिली तो विद्यालय विकास समिति के अध्यक्ष और अन्य स्थानीय लोग तुरंत स्कूल पहुंचे। शिक्षक को होश में लाने के लिए ग्रामीणों ने उनके चेहरे और सिर पर पानी के छींटे मारे, लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी वे सामान्य स्थिति में नहीं आ सके।
27 साल से तैनात थे शिक्षक, हाल ही में मिला था प्रमोशन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी शिक्षक भीमाराम पिछले करीब 27 वर्षों से इसी विद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे थे। लगभग छह महीने पहले ही उन्हें पदोन्नति देकर एडिशनल प्रिंसिपल की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वे विद्यालय में गणित और विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय पढ़ाते थे, लेकिन उनकी इस हरकत ने शिक्षण संस्थान की गरिमा को गंभीर चोट पहुंचाई है।
ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एक शिक्षक का इस तरह नशे में स्कूल आना न केवल बच्चों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, बल्कि यह छात्रों की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है। उन्होंने शिक्षा विभाग से इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
शिक्षा विभाग ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिक्षक को उंदरी स्थित स्कूल से हटा दिया है। अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गणपत लाल मीणा ने बताया कि शिक्षक को अब मीणों का नयागांव ग्राम पंचायत मुख्यालय पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम की सूचना जिला शिक्षा अधिकारी को भी दे दी गई है।
अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक टीम का गठन किया गया है, जो मीणों का नयागांव और पारा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जाकर तथ्यों की पड़ताल करेगी। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की जवाबदेही और उनके आचरण पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि लंबे समय से एक ही स्कूल में तैनात रहने के कारण शिक्षक बेलगाम हो गए थे। अब विभाग की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य और विद्यालय के अनुशासन से जुड़ा हुआ है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!