अजमेर नगर निगम चुनाव: वार्ड आरक्षण के लिए कल निकलेगी लॉटरी, 80 सीटों का गणित हुआ साफ
अजमेर नगर निगम के 80 वार्ड में से 20 एससी, 2 एसटी, 16 ओबीसी और 14 महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। सोमवार को दोपहर 3 बजे जवाहर रंगमंच में आरक्षण के लिए लॉटरी निकलेगी।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

अजमेर नगर निगम में चुनावी बिसात: आरक्षण की प्रक्रिया कल
अजमेर नगर निगम के आगामी चुनावों को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। नगर निगम के कुल 80 वार्डों के आरक्षण की स्थिति स्पष्ट करने के लिए सोमवार को लॉटरी प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। यह प्रक्रिया दोपहर 3 बजे जवाहर रंगमंच में संपन्न होगी, जिसमें वार्डों के आरक्षण का स्वरूप तय किया जाएगा। इस लॉटरी के माध्यम से यह सुनिश्चित होगा कि कौन सा वार्ड किस वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा।
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 80 वार्डों में से 20 वार्ड अनुसूचित जाति (SC), 2 वार्ड अनुसूचित जनजाति (ST) और 16 वार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, महिलाओं के लिए भी विशेष आरक्षण का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत 14 वार्ड आरक्षित रहेंगे। इस आरक्षण प्रक्रिया से राजनीतिक दलों के संभावित उम्मीदवारों की रणनीति में बड़ा बदलाव आने की संभावना है।
मेयर पद पर महिला काबिज, वार्डों का विस्तृत वर्गीकरण
नगर निगम के मेयर पद के लिए आरक्षण की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। 13 अगस्त को निकाली गई लॉटरी में मेयर का पद महिला वर्ग के लिए आरक्षित घोषित किया गया है। इसका अर्थ यह है कि किसी भी वर्ग की महिला अजमेर नगर निगम की मेयर बन सकेगी। मेयर पद के लिए महिला आरक्षण के बाद अब वार्डों के आरक्षण पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
वार्डों के आरक्षण का विस्तृत विवरण इस प्रकार है: अनुसूचित जाति के लिए कुल 20 वार्ड हैं, जिनमें 13 ओपन और 7 महिला के लिए हैं। अनुसूचित जनजाति के लिए 2 वार्ड हैं, जिनमें 1 ओपन और 1 महिला के लिए आरक्षित है। इसी तरह, ओबीसी वर्ग के लिए 16 वार्डों में से 11 ओपन और 5 महिलाओं के लिए हैं। अनारक्षित श्रेणी के तहत कुल 42 वार्ड रखे गए हैं, जिनमें 28 ओपन और 14 महिलाओं के लिए आवंटित किए गए हैं।
राजनीतिक सरगर्मियां और चुनावी तैयारी
आरक्षण की लॉटरी निकलने के साथ ही अजमेर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों के नेता और पार्षद अपने-अपने वार्डों की स्थिति को लेकर सतर्क हैं। कई मौजूदा पार्षदों और नेताओं के परिजनों ने पहले ही अपने दावेदारी के संकेत देने शुरू कर दिए हैं। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद अब यह साफ हो जाएगा कि किस वार्ड से कौन सा नेता चुनाव लड़ने की तैयारी करेगा।
प्रशासन ने चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति पहले ही कर दी है। 80 वार्डों को चार अलग-अलग भागों में विभाजित किया गया है, ताकि प्रशासनिक कार्यों में सुगमता बनी रहे। स्थानीय स्तर पर वार्डों के परिसीमन और आरक्षण को लेकर जनता में भी उत्सुकता है, क्योंकि इसी के आधार पर आगामी पांच वर्षों के लिए स्थानीय विकास की रूपरेखा तय होगी।
आगे की राह और प्रक्रिया
सोमवार को जवाहर रंगमंच में होने वाली लॉटरी प्रक्रिया के बाद वार्डों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी। इसके बाद आपत्तियों और सुझावों का दौर शुरू हो सकता है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव आयोग द्वारा मतदान की तारीखों का ऐलान किया जाएगा। अजमेर के नागरिक अब यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि उनके क्षेत्र का वार्ड किस श्रेणी में आता है, जिससे वे अपने भावी जनप्रतिनिधि का चयन कर सकें।
नगर निगम चुनाव के मद्देनजर जिले के अन्य निकायों में भी आरक्षण की प्रक्रिया चल रही है। 17 अगस्त को अन्य निकायों में भी वार्ड पार्षद आरक्षण की लॉटरी निकाली गई थी। अजमेर नगर निगम और जिला परिषद के चुनावों को लेकर प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और चुनावी आचार संहिता के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!