बेगूसराय में 12 वर्षीय किशोर की पीट-पीटकर हत्या, दादी ने पुरानी रंजिश का लगाया आरोप
चार साल पहले मेरे बेटे को अगवा किया था। अब मेरे पोते की हत्या कर दी गई।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

बेगूसराय में दिल दहला देने वाली वारदात
बिहार के बेगूसराय जिले के बरौनी दरगाह मोहल्ला में 12 वर्षीय किशोर दिलशाद की बेरहमी से हत्या का मामला सामने आया है। बुधवार देर शाम फुलवरिया थाना क्षेत्र के ताड़ीखाना के समीप अज्ञात हमलावरों ने किशोर की पीट-पीटकर जान ले ली। घटना के बाद से इलाके में भारी आक्रोश है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक के परिजनों के अनुसार, दिलशाद के माता-पिता पुणे में मजदूरी करते हैं और वह अपनी दादी आसमा खातून के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था। घटना के वक्त वह घर के पास ही था, तभी हमलावरों ने उसे घेर लिया और बुरी तरह पीटा। स्थानीय लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दादी ने पुरानी दुश्मनी को बताया वजह
पीड़ित दादी आसमा खातून ने इस हत्याकांड के पीछे पुरानी रंजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि चार साल पहले उनके एक बेटे कुद्दुस का अपहरण कर लिया गया था, जिसका आज तक कोई सुराग नहीं मिला है। उस मामले में निपनिया सूरज नगर निवासी चिप्पू सिंह समेत चार लोग आरोपी थे, जो जेल भी गए थे।
दादी का आरोप है कि जेल से छूटने के बाद आरोपी चिप्पू सिंह ने उनके परिवार को लगातार धमकियां दी थीं। उन्होंने दावा किया कि 10 दिन पहले ही चिप्पू ने दिलशाद के बड़े भाई को मोबाइल चोरी के झूठे आरोप में जेल भिजवाया था। अब दिलशाद की हत्या के पीछे भी उसी का हाथ होने का संदेह जताया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और स्थानीय आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे तेघड़ा डीएसपी और फुलवरिया थानाध्यक्ष ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
फुलवरिया थानाध्यक्ष विजय सहनी ने बताया कि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। परिजनों से प्राप्त शिकायत के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
आसमा खातून ने बताया कि उनके पति का 15 साल पहले निधन हो चुका है। उनके सात बेटों में से तीन की मौत हो चुकी है और एक बेटा चार साल से लापता है। घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और वह सब्जी बेचकर अपने पोते-पोतियों का पालन-पोषण कर रही हैं। इस घटना ने परिवार की बची-खुची उम्मीदों को भी तोड़ दिया है।
फिलहाल, पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है और संदिग्धों की तलाश जारी है।

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मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!