पश्चिम बंगाल चुनाव: टीएमसी का आयोग को पत्र, ममता पर वाहन जांच विवाद, भाजपा का महिला वादा

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पश्चिम बंगाल में चुनावी गर्मी तेज होती जा रही है। 23 अप्रैल से शुरू हो रहे दो-चरणीय विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की राजनीति में नई उठापटक शुरू हो गई है। टीएमसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि उसके नेताओं को निशाना बनाकर उनके वाहनों की जांच कराई जा रही है।

इस मामले में सबसे चर्चित घटना बुधवार को कोलकाता एयरपोर्ट पर हुई। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि जब वह बुधवार को कोलकाता एयरपोर्ट जा रही थीं, तो केंद्रीय बलों ने उनकी गाड़ी की जांच करने की कोशिश की। इस्लामपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनौती दी, “अगर हिम्मत है तो रोज मेरी गाड़ी चेक करें।” उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की कार की जांच क्यों नहीं होती? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री पैसा लेकर आते हैं।

दूसरी ओर, भाजपा ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में ‘मातृशक्ति भरोसा कार्ड’ लॉन्च किया। इसके तहत भाजपा ने वादा किया है कि अगर राज्य में उनकी सरकार बनती है, तो राज्य की महिलाओं को हर महीने ₹3,000 दिए जाएंगे। इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सुवेंदु अधिकारी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी मौजूद रहीं।

आज के अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स:

1. गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को बंगाल के जलपाईगुड़ी में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ‘गुजरात और केंद्र में 24 साल तक शासन करने वाले नरेंद्र मोदी पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है। टीएमसी ने नौकरी घोटाले में जो 300 करोड़ रुपए हड़प लिए हैं, उन्हें हम ब्याज सहित वापस वसूल करेंगे।’

2. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण चुनाव प्रचार के लिए पूर्वी वर्धमानपुर पहुंचीं। यहां उन्होंने हथकरघा कारीगर सुकुमार हलदर के घर खाना खाया, जो एक सांकेतिक कदम माना जा रहा है।

3. चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर कहा, ‘हर मतदाता अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग कर सके, इसके लिए घर से मतदान (होम वोटिंग) की सुविधा सुनिश्चित की जा रही है।’

पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा। चुनाव आयोग ने पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। राजनीतिक दलों के बीच इस बात पर गर्मागर्म बहस जारी है कि क्या सुरक्षा बलों द्वारा की जा रही जांच राजनीतिक रूप से प्रेरित है या सुरक्षा उपायों का हिस्सा है।

यह स्पष्ट है कि चुनाव से पहले का यह समय राज्य में तनावपूर्ण माहौल बना रहा है, जहां हर पार्टी अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ जनता का समर्थन हासिल करने में जुटी हुई है। चुनाव परिणाम ही बताएंगे कि जनता किसके वादों और आरोप-प्रत्यारोपों पर विश्वास करती है।

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