ग्वालियर के कंपू थाना क्षेत्र में 21 जनवरी को हुई संतोष गिरी (35) की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि इस मर्डर की पूरी साजिश मृतक की पत्नी रीना ने अपने बॉयफ्रेंड अमित खान के साथ मिलकर रची थी। हत्या में अमित के दोस्त सन्नी ने भी मदद की थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, 21 जनवरी की रात करीब 9 बजे नयागांव इलाके में झाड़ियों में एक युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया था। मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच की तो पता चला कि युवक को दो गोलियां मारी गई थीं। एक गोली सिर के आर-पार हो गई थी, जबकि दूसरी शरीर में धंसी हुई थी। अगले दिन मृतक की पहचान घाटीगांव के जखोदा गांव निवासी संतोष गिरी के रूप में हुई। शादी के बाद शुरू हुआ प्रेम प्रसंगसंतोष की शादी 2020 में भिंड के मेहगांव निवासी रीना से हुई थी। कुछ समय बाद ही अमित खान का संतोष के घर आना-जाना शुरू हो गया। रीना ने अमित को अपना मुंहबोला भाई बताकर परिवार को गुमराह किया। साल 2023 में रीना पति से झगड़ा कर चीनौर अपने जीजा के घर रहने चली गई, जहां अमित से उसके संबंध और गहरे हो गए। जब संतोष को दोनों के रिश्ते की भनक लगी तो उसने तलाक देने से इनकार कर दिया। इसी बात से नाराज होकर रीना ने अमित को इमोशनल तरीके से उकसाया और कहा कि जब तक संतोष जिंदा है, वे एक नहीं हो सकते। चार बार की गई हत्या की कोशिशपुलिस जांच में सामने आया कि रीना, अमित और सन्नी ने मिलकर पहले तीन बार संतोष की हत्या की कोशिश की थी। आखिरकार गोली मारकर की हत्या21 जनवरी को आरोपियों ने संतोष को शराब पार्टी के बहाने बुलाया और जमकर शराब पिलाई। जब वह पूरी तरह नशे में धुत हो गया तो अमित ने उसके सिर में गोली मार दी। मौत की पुष्टि के लिए एक और गोली शरीर में दागी गई और शव झाड़ियों में फेंक दिया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। यह पूरा मामला रिश्तों की आड़ में रची गई एक खौफनाक साजिश का उदाहरण बन गया है।
ग्वालियर व्यापार मेले में दुकानों के ऑनलाइन आवंटन की अंतिम तिथि 21 नवम्बर तक बढ़ी
ब्लैक या किराए पर दुकान देने वालों पर ₹1 लाख का जुर्माना लगेगा — संभाग आयुक्त मनोज खत्रीग्वालियर | गुरुवार, 13 नवम्बर 2025 श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला वर्ष 2025-26 में दुकानों के ऑनलाइन आवंटन की अंतिम तिथि अब 21 नवम्बर 2025 तक बढ़ा दी गई है। पहले यह प्रक्रिया 10 नवम्बर तक निर्धारित थी, लेकिन अब मेले में शेष दुकानों के आवंटन के लिए एमपी ऑनलाइन पोर्टल को अतिरिक्त समय तक खुला रखा जाएगा। संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री ने गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक में बताया कि 10 नवम्बर तक केवल 60 प्रतिशत दुकानों का ही आवंटन हुआ है। शेष दुकानों के लिए व्यापारी 14 नवम्बर से 21 नवम्बर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अवधि अंतिम होगी, इसके बाद ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी। आयुक्त श्री खत्री ने बैठक में यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई दुकानदार अपनी दुकान ब्लैक में या किराए पर देता है, तो उस पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही ऐसे दुकानदारों को 5 वर्ष तक ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और भविष्य में उन्हें दुकान आवंटन नहीं दिया जाएगा। बैठक में मेले की व्यवस्थाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। आयुक्त ने नगर निगम अधिकारियों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्रचार-प्रसार, विद्युत आपूर्ति, ऑटोमोबाइल सेक्टर और झूला सेक्टर की व्यवस्थाओं को लेकर भी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
ग्वालियर में कार्बाइड बंदूक पर तत्काल प्रतिबंध: त्योहारों में सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन का सख्त कदम
ग्वालियर, 1 नवंबर 2025 – त्योहारी सीजन में बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए ग्वालियर जिला प्रशासन ने देशी पताखा बंदूक यानी कार्बाइड बंदूक के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला 24 अक्टूबर को हुई कई चोट की घटनाओं के बाद लिया गया है। क्या है कार्बाइड बंदूक और क्यों है खतरनाक? कार्बाइड बंदूकें स्थानीय स्तर पर बनाई जाती हैं, जिनमें कैल्शियम कार्बाइड और पानी के मिश्रण से उत्पन्न गैस का उपयोग गोली की तरह किया जाता है। दीपावली और अन्य त्योहारों में युवा इनका इस्तेमाल मनोरंजन के लिए करते हैं, लेकिन इनके फटने से गंभीर चोटें, आंखों की रोशनी जाना और यहां तक कि जानलेवा हादसे हो सकते हैं। पिछले सप्ताह ग्वालियर में ऐसी ही कई घटनाएं सामने आईं, जिनमें बच्चे और युवा घायल हुए। इनमें से कुछ मामलों में अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। प्रशासन का सख्त आदेश जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू कर दी है: पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। अभिभावकों और युवाओं से अपील प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और उन्हें इन खतरनाक खिलौनों से दूर रखें। स्कूलों और कॉलेजों में भी जागरूकता अभियान चलाने की योजना है। “त्योहार खुशियां लाने के लिए होते हैं, दुर्घटनाएं नहीं। सुरक्षा सबसे पहले।” – जिलाधिकारी, ग्वालियर आगे क्या? जिला प्रशासन ने स्थानीय दुकानदारों और निर्माताओं के साथ बैठक बुलाई है, जिसमें वैकल्पिक सुरक्षित मनोरंजन के साधनों पर चर्चा होगी। साथ ही, दीपावली से पहले विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। कीवर्ड्स: ग्वालियर कार्बाइड बंदूक प्रतिबंध, देशी पताखा बंदूक, ग्वालियर समाचार, दीपावली सुरक्षा, जिला प्रशासन ग्वालियर, पुलिस कार्रवाई, त्योहार हादसे, मध्य प्रदेश समाचार यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है। नवीनतम जानकारी के लिए बने रहें। Follow us to stay updated with the latest news Instagram Facebook Youtube #gwaliorchambaltimes #fnenewschannel
ग्वालियर: महालेखाकार पुल पर मिनी-ट्रक से महिला गंभीर रूप से घायल, चालक मौके से फरार
ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के महालेखाकार (एजी) पुल पर शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें सिटी सेंटर की ओर से आ रही एक मिनी-ट्रक के नीचे एक महिला दब गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने घटना के बाद महिला को ट्रक के नीचे से बाहर निकाला और उसे तत्काल अस्पताल भेजा गया। फिलहाल उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक अनियंत्रित नजर आया; शुरुआती जानकारी में स्टीयरिंग या ब्रेक फेल होने की संभावना बताई जा रही है, हालांकि पुलिस फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंची नहीं है और पोस्ट-मॉर्टम/मेडिकल रिपोर्ट तथा घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। घटना के तुरंत बाद ट्रक ड्राइवर वाहन छोड़कर फरार हो गया और पास के पेड़ पर छिपने या चढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद वह मौके से भाग गया — यह भी स्थानीय रिपोर्टों में उल्लिखित है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया है और आसपास लगे CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और वाहन की स्थिति की छानबीन कर रही है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि जो भी इस घटना के बारे में जानकारी या फुटेज रखते हों, वे तत्काल पुलिस से संपर्क करें ताकि चालक की पहचान और जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
ग्वालियर में पुलिस आरक्षक पर लूट और गोलीबारी
ग्वालियर जिले के पनिहार थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। चार अज्ञात बदमाशों ने इंदौर पुलिस में पदस्थ एक आरक्षक पर हमला कर मोबाइल और नकदी लूट ली। विरोध करने पर बदमाशों ने उसे गोली मार दी और फरार हो गए। घटना रात करीब 9:30 बजे की है, जब आरक्षक प्रमोद त्यागी, जो इंदौर के राजेन्द्र नगर थाने में तैनात हैं, अपने पैतृक गांव मुरैना जिले के जौरा स्थित बीमार पिता को देखने जा रहे थे। इसी दौरान पनिहार क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप के पास बाइक पर आए चार हमलावरों ने उन्हें रोककर लूटपाट की कोशिश की। आरक्षक ने विरोध किया तो बदमाशों ने गोली चला दी, जिससे उनके हाथ में छर्रे लग गए और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए और घायल आरक्षक सड़क पर तड़पते हुए मदद की गुहार लगाते रहे। उसी दौरान कांग्रेस के पूर्व विधायक नीतू सिकरवार वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रोकी और घायल आरक्षक को अस्पताल पहुंचाया। आरक्षक को पहले ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जयारोग्य अस्पताल समूह रेफर कर दिया गया। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। इधर, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पनिहार थाना पुलिस ने वारदात स्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है, ताकि हमलावरों की पहचान कर जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।
ग्वालियर में दस्तावेज़ों का दुरुपयोग: आधार-पैन से बाइक फाइनेंस,
ग्वालियर के गोला का मंदिर क्षेत्र की न्यू शंकरपुरी कॉलोनी निवासी नरेंद्र सिंह जादौन के नाम पर फर्जी तरीके से बाइक फाइनेंस कराने का मामला सामने आया है। नरेंद्र सिंह ने बताया कि जनवरी 2024 में उन्हें एचडीबी बैंक से फोन आया और मोटरसाइकिल की तीन महीने की बकाया किस्त न चुकाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। हैरानी की बात यह थी कि नरेंद्र सिंह ने कभी कोई बाइक फाइनेंस ही नहीं कराया। जब वह शिंदे की छावनी स्थित बैंक शाखा पहुँचे तो पता चला कि उनके आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर बाइक खरीदी गई है। जाँच में सामने आया कि पैन कार्ड में छेड़छाड़ कर यह धोखाधड़ी की गई है। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत कई बार थाने में दर्ज कराई, लेकिन दो साल गुजर जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा बैंक की ओर से लगातार किस्त और कानूनी कार्रवाई की धमकियाँ मिलती रहीं। इससे परेशान होकर नरेंद्र सिंह ने अब ग्वालियर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पहुँचकर लिखित शिकायत दी और न्याय की गुहार लगाई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच शुरू की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ग्वालियर पिंटो पार्क में पुरानी रंजिश से हमला
पिंटो पार्क की सैनिक कॉलोनी में सोमवार शाम पुरानी स्कूल रंजिश ने खतरनाक रूप ले लिया। दो युवकों ने 22 वर्षीय हर्षवर्धन सिंह पर बेरहमी से हमला कर दिया। आरोपियों ने उसे जमीन पर पटक-पटककर इतना पीटा कि उसका सिर फट गया और हाथ-पैर भी घायल हो गए। मारपीट के दौरान आसपास के लोगों ने बीच-बचाव किया और जान बचाई। बताया जा रहा है कि आरोपियों बलराज पन्नू और हैप्पी पन्नू की हर्षवर्धन से स्कूल समय से ही रंजिश थी। घटना के बाद दोनों मौके से फरार हो गए और जाते-जाते जान से मारने की धमकी भी दे गए। घायल हर्षवर्धन को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश जारी है।
