सुल्तानपुर | रायबरेली से सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से जुड़े एक मानहानि मामले की सुनवाई आज सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में होगी। यह मामला कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर की गई कथित टिप्पणी से जुड़ा है। कोर्ट में आज CrPC की धारा 313 के तहत राहुल गांधी का बयान दर्ज किया जाना है। राहुल गांधी सोमवार और मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर रायबरेली में रहेंगे, ऐसे में उनके सुल्तानपुर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने की संभावना जताई जा रही है। संभावित पेशी को देखते हुए कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है, वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भी बड़ी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है। वादी विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडेय के अनुसार, पिछली सुनवाई में बचाव पक्ष की ओर से गवाह रामचंद्र दुबे की जिरह पूरी हो चुकी है। इसके बाद जज शुभम वर्मा ने 6 जनवरी को आदेश जारी करते हुए राहुल गांधी को 19 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बयान देने का निर्देश दिया था। इस मामले में इससे पहले राहुल गांधी 26 जुलाई 2024 को कोर्ट में पेश हुए थे। गौरतलब है कि यह मामला वर्ष 2018 से विचाराधीन है। आरोप है कि कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने एक सार्वजनिक सभा में ऐसी टिप्पणी की थी, जिसे भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अपमानजनक बताते हुए मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद 4 अगस्त 2018 को सुल्तानपुर कोर्ट में यह केस दाखिल किया गया था।
मार्शल लॉ की कोशिश पड़ी भारी, दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति को 5 साल की सजा
दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को पांच साल की जेल की सजा सुनाई है। दिसंबर 2024 में अपने कार्यकाल के दौरान पूरे देश में मार्शल लॉ लागू करने की कोशिश को अदालत ने सत्ता का दुरुपयोग करार दिया। शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए जज ने कहा कि यून के कदमों से देश गंभीर राजनीतिक संकट में फंस गया था। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, सुनवाई के दौरान यून के करीब 100 समर्थक अदालत के बाहर बड़ी स्क्रीन पर लाइव कार्यवाही देखते नजर आए। कुछ समर्थकों के हाथों में लाल बैनर थे, जिन पर लिखा था—“यून, वापस आओ! कोरिया को फिर से महान बनाओ।” रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुछ दिन पहले यून ने खुद को अपने घर में बंद कर लिया था और बाहर सुरक्षा गार्ड तैनात कर दिए थे, ताकि जांच एजेंसियों के अधिकारी अंदर न पहुंच सकें। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। यून सुक योल पर कई मामलों में मुकदमे चल रहे हैं, जिनमें सबसे गंभीर आरोप देशद्रोह का है। अभियोजन पक्ष ने अदालत से उनके लिए मौत की सजा की मांग की है। इस मामले में अदालत फरवरी में अगली सुनवाई और फैसला सुनाने वाली है।
नेशनल लोक अदालत 13 दिसंबर को – बिजली चोरी के मामलों में समझौते से मिलेगी राहत
ग्वालियर। आगामी 13 दिसंबर 2025 (शनिवार) को नेशनल लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इस लोक अदालत में बिजली चोरी और अन्य विद्युत अनियमितताओं से जुड़े मामलों का समाधान समझौते के माध्यम से किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने उपभोक्ताओं और विद्युत उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे अप्रिय कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए अदालत में समझौता करें और संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क करें। विद्युत वितरण कंपनियों ने निर्णय लिया है कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत आने वाले लंबित और विचाराधीन प्रकरणों का निपटारा लोक अदालत में किया जाएगा। 🔹 छूट के लाभ और शर्तें: ⚡ केवल एक दिन का अवसर: यह राहत योजना सिर्फ 13 दिसंबर 2025 को होने वाली नेशनल लोक अदालत में किए गए समझौतों के लिए मान्य होगी। ऊर्जा विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने मामलों का निपटारा समझौते के जरिए कर लें और कानूनी प्रक्रिया से बचें।
जनमित्र केन्द्रों में खुलेंगे मतदाता सहायता केन्द्र
ग्वालियर के सभी जनमित्र केन्द्रों में खुलेंगे मतदाता सहायता केन्द्र — एसआईआर में सहयता के लिए विशेष इंतजाम ग्वालियर, 2 नवंबर 2025: ग्वालियर जिले में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के सहयोग हेतु नगर निगम के सभी जनमित्र केन्द्रों में अब मतदाता सहायता केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर रुचिका चौहान ने नगर निगम आयुक्त को शीघ्र प्रभाव से यह व्यवस्था आरंभ करने के निर्देश दिए हैं। ये सहायता केन्द्र 4 नवम्बर 2025 से 4 दिसम्बर 2025 तक चलेगे। क्या काम होंगे सहायता केन्द्रों पर संचालन और टीम संरचना जिला अधिकारी के निर्देशानुसार हर सहायता केन्द्र में चार सदस्यीय टीम होगी, जिसका नेतृत्व एसआईआर प्रक्रिया से परिचित अनुभवी अधिकारी करेंगे। सहायता केन्द्र रोजाना सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक खुले रहेंगे ताकि मतदाताओं को सुविधाजनक समय पर मदद मिल सके। तकनीकी व अन्य सुविधाएँ किस इलाक़े को कवर करेंगे ये केन्द्र ग्वालियर नगर निगम क्षेत्र में आने वाले विधानसभा क्षेत्र — 14 (ग्वालियर ग्रामीण — शहरी भाग), 15 (ग्वालियर), 16 (ग्वालियर पूर्व) और 17 (ग्वालियर दक्षिण) — में ये सहायता केन्द्र कार्य करेंगे और हर क्षेत्र के मतदाताओं को करीब से सहायता दी जाएगी। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को मतदाता सूची, गणना पत्रक या बीएलओ से जुड़ी किसी जानकारी की आवश्यकता हो तो वे अपने नजदीकी जनमित्र केन्द्र पर संपर्क करें और निर्धारित अवधि में अपना सहयोग सुनिश्चित करें।
ग्वालियर में कार्बाइड बंदूक पर तत्काल प्रतिबंध: त्योहारों में सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन का सख्त कदम
ग्वालियर, 1 नवंबर 2025 – त्योहारी सीजन में बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए ग्वालियर जिला प्रशासन ने देशी पताखा बंदूक यानी कार्बाइड बंदूक के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला 24 अक्टूबर को हुई कई चोट की घटनाओं के बाद लिया गया है। क्या है कार्बाइड बंदूक और क्यों है खतरनाक? कार्बाइड बंदूकें स्थानीय स्तर पर बनाई जाती हैं, जिनमें कैल्शियम कार्बाइड और पानी के मिश्रण से उत्पन्न गैस का उपयोग गोली की तरह किया जाता है। दीपावली और अन्य त्योहारों में युवा इनका इस्तेमाल मनोरंजन के लिए करते हैं, लेकिन इनके फटने से गंभीर चोटें, आंखों की रोशनी जाना और यहां तक कि जानलेवा हादसे हो सकते हैं। पिछले सप्ताह ग्वालियर में ऐसी ही कई घटनाएं सामने आईं, जिनमें बच्चे और युवा घायल हुए। इनमें से कुछ मामलों में अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। प्रशासन का सख्त आदेश जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू कर दी है: पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। अभिभावकों और युवाओं से अपील प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और उन्हें इन खतरनाक खिलौनों से दूर रखें। स्कूलों और कॉलेजों में भी जागरूकता अभियान चलाने की योजना है। “त्योहार खुशियां लाने के लिए होते हैं, दुर्घटनाएं नहीं। सुरक्षा सबसे पहले।” – जिलाधिकारी, ग्वालियर आगे क्या? जिला प्रशासन ने स्थानीय दुकानदारों और निर्माताओं के साथ बैठक बुलाई है, जिसमें वैकल्पिक सुरक्षित मनोरंजन के साधनों पर चर्चा होगी। साथ ही, दीपावली से पहले विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। कीवर्ड्स: ग्वालियर कार्बाइड बंदूक प्रतिबंध, देशी पताखा बंदूक, ग्वालियर समाचार, दीपावली सुरक्षा, जिला प्रशासन ग्वालियर, पुलिस कार्रवाई, त्योहार हादसे, मध्य प्रदेश समाचार यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है। नवीनतम जानकारी के लिए बने रहें। Follow us to stay updated with the latest news Instagram Facebook Youtube #gwaliorchambaltimes #fnenewschannel
पहली बार डिजिटल माध्यम से होगी गणना
ग्वालियर जिले में जनगणना की तैयारियां शुरू — पहली बार डिजिटल माध्यम से होगी गणना ग्वालियर, 31 अक्टूबर 2025 (FN News Channel):भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा वर्ष 2027 में प्रस्तावित डिजिटल जनगणना की तैयारियां अब ग्वालियर जिले में भी शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागों की बैठक आयोजित की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर चौहान ने कहा कि भारत में जनगणना की एक गौरवशाली परंपरा रही है, और इस बार इसे डिजिटल स्वरूप में और अधिक सटीक व पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक व्यक्ति की गणना जिम्मेदारी और ईमानदारी से की जाए ताकि आंकड़ों की सटीकता बनी रहे। उन्होंने जिले के नागरिकों से भी अपील की कि जब जनगणना अधिकारी (प्रगणक) घर-घर जानकारी लेने आएं, तो उन्हें सही व पूरी जानकारी प्रदान करें। वर्ष 2026 में मकान सूचीकरण, 2027 में जनगणना कार्य बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार वर्ष 2026 में मकान सूचीकरण (House Listing) का कार्य किया जाएगा, जबकि वर्ष 2027 में वास्तविक जनगणना संपन्न होगी।इस बार जनगणना की प्रक्रिया में एक नया फीचर जोड़ा गया है — ‘स्व-गणना (Self Enumeration)’, जिसके माध्यम से परिवार स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। बाद में जनगणना कर्मी उस जानकारी का सत्यापन करेंगे। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय, अपर कलेक्टर श्री कुमार सत्यम, और अपर आयुक्त नगर निगम श्री मुनीष सिकरवार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। वार्ड 5 और 64 में पायलट प्रोजेक्ट — नवंबर में होगी प्रारंभिक जनगणना ग्वालियर में जनगणना की प्रक्रिया को परखने के लिए वार्ड नंबर 5 और 64 को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है। इन क्षेत्रों में नवंबर माह में मकान सूचीकरण और जनगणना का कार्य किया जाएगा। इसके लिए चयनित प्रगणकों को 5 से 7 नवंबर 2025 के बीच प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रगणक नवंबर माह के दौरान फील्ड में जाकर घर-घर जानकारी एकत्र करेंगे। यह पायलट प्रोजेक्ट आने वाली राष्ट्रीय जनगणना के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे डिजिटल पद्धति की व्यवहारिकता और सटीकता की जांच की जा सकेगी। 📍रिपोर्ट: FN News Channel टीम, ग्वालियर🕓 प्रकाशन तिथि: 31 अक्टूबर 2025
मेले में दुकानें लगाने के लिये अब तक ऑनलाइन 489 आवेदन आए
ऑटोमोबाइल सेक्टर के 31 अक्टूबर तक व अन्य सेक्टर की दुकानों के लिये 6 नवम्बर तक आवेदन होंगे मान्य ग्वालियर : सोमवार, अक्टूबर 27, 2025 इस साल ऑनलाइन पद्धति से लिए जा रहे हैं दुकानों के आवेदन इस साल लगने जा रहे श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला की तैयारियां जारी हैं। मेले की दुकानों के लिये ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। दुकानें लगाने के लिये एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अब तक 489 ऑनलाइन आवेदन मेला प्राधिकरण को प्राप्त हो चुके हैं। ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के सचिव श्री सुनील त्रिपाठी ने जानकारी ने बताया कि ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिये ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर रखी गई है। अन्य सेक्टर के लिये ऑनलाइन आवेदन की 06 नवम्बर आखिरी तिथि निर्धारित है। मेला सचिव ने स्पष्ट किया है कि जिन दुकानदारों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किए गए हैं परंतु बकाया भुगतान नहीं किया है, उनके आवेदन स्वत: निरस्त हो जायेंगे। ज्ञात हो इस साल 25 दिसम्बर से 25 फरवरी तक श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला लगने जा रहा है।
मतदाता सूचियों के संबंध में अब 24 अक्टूबर तक दर्ज कराई जा सकेंगीं दावे-आपत्तियां
ग्वालियर : शुक्रवार, अक्टूबर 17, 2025, ग्वालियर जिले में भी राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायतों एवं नगरीय निकायों की फोटोयुक्त मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची तैयार की जा रही हैं। कार्यक्रम अनुसार प्रारूप मतदाता सूचियों के संबंध में प्राधिकृत कर्मचारियों के माध्यम से दावे आपत्तियां प्राप्त की जा रही हैं। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा दावे-आपत्तियां दर्ज कराने की तिथि बढ़ा दी गई है। अब 24 अक्टूबर तक दावे-आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगीं। पहले इसके लिये 17 अक्टूबर तक की तिथि निर्धारित थी। आयोग के निर्देशानुसार जिले में नगरीय निकायों में वार्ड स्तर पर एवं जनपद पंचायतों में ग्राम पंचायत स्तर पर प्राधिकृत कर्मचारी नियुक्त किये गये हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती भूमिजा सक्सेना ने बताया कि कोई भी व्यक्ति इन दिवसों में वार्ड स्तर / ग्राम पंचायत स्तर पर पहुँचकर मतदाता सूची में अपने नाम की अध्यतन जानकारी ले सकता है। साथ ही किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर वह निर्धारित फार्म में अपना दावा व आपत्ति दर्ज करा सकता है। दावा आपत्ति दिवसों में निर्धारित फार्म प्राधिकृत कर्मचारियों के पास निशुल्क उपलब्ध रहेंगे। मतदाता को फार्म प्रस्तुत करते समय फार्म में उल्लेखित दस्तावेज की प्रति संलग्न की जाना आवश्यक है। मतदाता अपना नाम नगरीय निकायों / पंचायतों की मतदाता सूची में खोजने के लिये https://mpsecerms.mp.gov.in/SECSearch Engine लिंक का प्रयोग भी कर सकते है। नाम जुड़वाने व त्रुटियां सुधरवाने के प्रारूप ER-1 : इस फार्म का उपयोग नगरीय निकायों एवं जनपद पंचायत की मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने में किया जाता है। ER-2 : इस फार्म का उपयोग नगरीय निकायों एवं जनपद पंचायत की मतदाता सूची में अपना नाम संशोधन कराने बावत् किया जाता है। ER-3 : फार्म का उपयोग नगरीय निकायों एवं जनपद पंचायत की मतदाता सूची में अपना अथवा किसी अन्य मतदाता का नाम हटाने बावत् उपयोग किया जाता है।
केंद्र ने पशु-आधारित खाद की अनुमति वापस ली
2 oct. 2025 केंद्र सरकार ने 13 अगस्त 2025 को जारी उस अधिसूचना को रद्द कर दिया है जिसमें कसाईखानों (स्लॉटरहाउस) से निकले पशु अवशेषों से बने बायोस्टिमुलेंट (खाद) के प्रयोग की इजाज़त दी गई थी। जैनी और शाकाहारी संगठनों के विरोध के बाद यह कदम 30 सितंबर 2025 को उठाया गया। अब 11 प्रकार के पशु-आधारित प्रोटीन हाइड्रोलाइज़ेट (प्रविष्टि सं. 1, 2, 8, 14, 15, 16, 17, 21, 26, 30, 33) की अनुमति वापस ले ली गई है और इनके निर्माण, आयात, बिक्री तथा भंडारण पर तत्काल रोक लगा दी गई है। मुख्य बिंदु (पुनर्लिखित): प्रभाव और टिप्पणियाँ:
कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई, 105 नागरिकों ने रखी अपनी बात
ग्वालियर, 30 सितम्बर 2025 (मंगलवार, शाम 5:54 बजे) ग्वालियर कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में नागरिक पहुँचे और अपनी समस्याएँ अधिकारियों के समक्ष रखीं। इस दौरान कुल 105 लोगों ने आवेदन प्रस्तुत किए, जिन पर जिला प्रशासन की टीम ने सुनवाई की। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री सी. बी. प्रसाद ने स्वयं जनसामान्य की समस्याएँ सुनीं। उनके साथ संयुक्त कलेक्टरों और एसडीएम स्तर के अधिकारियों ने भी आवेदनों की पड़ताल की और आवश्यक कार्यवाही शुरू की। कितने आवेदन कहाँ पहुँचे जनसुनवाई में आए कुल 105 आवेदनों में से 52 को औपचारिक रूप से दर्ज किया गया, जबकि अन्य 53 आवेदन संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को सीधे सौंप दिए गए ताकि शीघ्र समाधान हो सके। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सभी मामलों का समय-सीमा के भीतर निपटारा किया जाए। किन-किन मुद्दों पर आई शिकायतें अधिकांश समस्याएँ स्कूलों में प्रवेश, राजस्व संबंधी विवाद, नगर निगम की सेवाएँ, बिजली आपूर्ति और भूमि विवादों से जुड़ी थीं।भूमि और राजस्व मामलों पर त्वरित कार्रवाई के लिए सभी एसडीएम और तहसीलदारों को विशेष निर्देश दिए गए। साथ ही, ऐसे जरूरतमंद लोग जो इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ थे, उनके लिए निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों की मौजूदगी जनसुनवाई में बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। इनमें संयुक्त कलेक्टर श्री विनोद सिंह, श्री सुरेश कुमार बरहादिया, श्रीमती जूही गर्ग प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त एसडीएम प्रदीप कुमार शर्मा (ग्वालियर सिटी), अतुल सिंह (झांसी रोड), नरेन्द्र बाबू यादव (लश्कर), नरेशचंद गुप्ता (मुरार), सूर्यकांत त्रिपाठी (ग्वालियर ग्रामीण) और डिप्टी कलेक्टर श्रीमती मनीषा कौल ने भी नागरिकों से सीधे आवेदन प्राप्त किए और तत्काल निराकरण की प्रक्रिया प्रारंभ की। जनता की उम्मीदें जनसुनवाई में पहुँचे लोग अपनी-अपनी समस्याओं का हल लेकर लौटे। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी मामलों पर नियत समय में कार्रवाई की जाएगी, जिससे लोगों की परेशानी कम हो सके।
