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ग्वालियर में दस्तावेज़ों का दुरुपयोग: आधार-पैन से बाइक फाइनेंस,

ग्वालियर के गोला का मंदिर क्षेत्र की न्यू शंकरपुरी कॉलोनी निवासी नरेंद्र सिंह जादौन के नाम पर फर्जी तरीके से बाइक फाइनेंस कराने का मामला सामने आया है। नरेंद्र सिंह ने बताया कि जनवरी 2024 में उन्हें एचडीबी बैंक से फोन आया और मोटरसाइकिल की तीन महीने की बकाया किस्त न चुकाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। हैरानी की बात यह थी कि नरेंद्र सिंह ने कभी कोई बाइक फाइनेंस ही नहीं कराया। जब वह शिंदे की छावनी स्थित बैंक शाखा पहुँचे तो पता चला कि उनके आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर बाइक खरीदी गई है। जाँच में सामने आया कि पैन कार्ड में छेड़छाड़ कर यह धोखाधड़ी की गई है। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत कई बार थाने में दर्ज कराई, लेकिन दो साल गुजर जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा बैंक की ओर से लगातार किस्त और कानूनी कार्रवाई की धमकियाँ मिलती रहीं। इससे परेशान होकर नरेंद्र सिंह ने अब ग्वालियर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पहुँचकर लिखित शिकायत दी और न्याय की गुहार लगाई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच शुरू की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

ग्वालियर पिंटो पार्क में पुरानी रंजिश से हमला

पिंटो पार्क की सैनिक कॉलोनी में सोमवार शाम पुरानी स्कूल रंजिश ने खतरनाक रूप ले लिया। दो युवकों ने 22 वर्षीय हर्षवर्धन सिंह पर बेरहमी से हमला कर दिया। आरोपियों ने उसे जमीन पर पटक-पटककर इतना पीटा कि उसका सिर फट गया और हाथ-पैर भी घायल हो गए। मारपीट के दौरान आसपास के लोगों ने बीच-बचाव किया और जान बचाई। बताया जा रहा है कि आरोपियों बलराज पन्नू और हैप्पी पन्नू की हर्षवर्धन से स्कूल समय से ही रंजिश थी। घटना के बाद दोनों मौके से फरार हो गए और जाते-जाते जान से मारने की धमकी भी दे गए। घायल हर्षवर्धन को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश जारी है।

25 वर्षीय महिला से जेठों ने दुष्कर्म किया, बच्ची को मारने की दी धमकी

ग्वालियर के डबरा क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 25 वर्षीय महिला ने अपने दो जेठों पर बार-बार दुष्कर्म करने और 10 माह की बेटी को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि उसके पति की तबीयत लंबे समय से खराब रहती है और वह इलाज के लिए अक्सर जावरा (रतलाम) स्थित हुसैन टेकरी शरीफ जाते हैं, जहां उन्हें 15–20 दिन रुकना पड़ता है। पति की गैरमौजूदगी में जेठ घर में घुसकर शारीरिक शोषण करते थे। महिला का आरोप है कि आरोपी कहते थे — “ऐसा करने से तुम्हारा पति जल्दी ठीक हो जाएगा।” पति ने भी नहीं दिया साथ महिला के मुताबिक, जब उसने पति को आपबीती बताई तो उसने बात को झूठ मानते हुए उस पर हाथ उठाया। पति ने कहा कि “मैं ठीक हो रहा हूं तो तुम्हें क्या परेशानी है?” इसके बाद भी जेठों का उत्पीड़न जारी रहा। धमकी देकर किया शोषण पीड़िता ने बताया कि पहली बार जनवरी 2025 में देर रात उसका मंझला जेठ कमरे में घुस आया और दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसने बच्ची की हत्या की धमकी दी। उसके बाद बड़ा जेठ भी कमरे में आया और उसने भी दुष्कर्म किया। पीड़िता के मुताबिक, दरवाजे पर कूलर लगा होने से दरवाजा बंद नहीं था, जिसका फायदा आरोपियों ने उठाया। थाने में दर्ज हुआ केस लगातार प्रताड़ना से तंग आकर महिला अपने मायके आ गई और परिजनों को सारी घटना बताई। पंचायत में मामला रखने के बावजूद ससुराल पक्ष का कोई सदस्य नहीं पहुंचा। इसके बाद महिला ने रविवार को ग्वालियर महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि पूछताछ में उन्होंने आरोपों से इंकार किया है। पीड़िता का निकाह 5 मई 2023 को डबरा के युवक से हुआ था। शुरूआती एक साल तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन पति की तबीयत बिगड़ने के बाद हालात बदलते चले गए।

रास्ते पर खड़ी बाइक बनी विवाद की वजह: कुल्हाड़ी-लाठी से हमला

ग्वालियर के घाटीगांव थाना क्षेत्र के सिमरिया टांका गांव में रास्ते को लेकर पुराने विवाद ने सोमवार दोपहर खूनी झगड़े का रूप ले लिया।इसी दौरान एक ही परिवार के चार लोगों ने कुल्हाड़ी और लाठियों से हमला कर पड़ोसी को गंभीर रूप से घायल कर दिया। जानकारी के मुताबिक, महेन्द्र कुशवाह और उनके पड़ोसियों के बीच खेत तक आने-जाने के रास्ते को लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा था। सोमवार को महेन्द्र ने अपनी मोटरसाइकिल रास्ते में खड़ी कर दी, जिस पर पड़ोसी बंटी, छविराम, अनिल और धारा कुशवाह भड़क गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी घर से कुल्हाड़ी और लाठी-डंडे लेकर आ गए और महेन्द्र पर हमला कर दिया। हमले में महेन्द्र का सिर फट गया और वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। बचाने आए उसके भाई पूरन और अन्य परिजनों पर भी आरोपियों ने हमला कर दिया। घायल महेन्द्र को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद चारों आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने सभी के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश शुरू कर दी है।

शादीशुदा महिला पर दबाव बनाने प्रेमी पहुंचा ससुराल, फायरिंग कर दी

ग्वालियर में प्रेमी की फायरिंग से सनसनीसोमवार को घाटीगांव थाना क्षेत्र के ग्राम घेंघोली में एक युवक ने शादीशुदा महिला के ससुराल में पहुंचकर हंगामा कर दिया। जब लोगों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, तो उसने कट्टे से लगातार दो फायर कर दिए। जाते-जाते आरोपी ने धमकी भी दी कि अगर मामला आगे बढ़ा तो सभी का जीना मुश्किल कर देगा। पुलिस के अनुसार महिला कुछ समय पहले घर से लापता हो गई थी। बरामदगी के बाद वन स्टॉप सेंटर में उसकी काउंसिलिंग कराई गई, जिसके बाद वह ससुराल जाने को तैयार हो गई। लेकिन यह फैसला उसके प्रेमी दिनेश गुर्जर को नागवार गुज़रा, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ फायरिंग और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया है।

राजगढ़ (माचलपुर) में इलाज के दौरान युवक की मौत, अस्पताल में हंगामा

माचलपुर (राजगढ़) में शनिवार को 24 वर्षीय अरविंद मालवीय की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर पायल पाटीदार पर लापरवाही का आरोप लगाया। आक्रोशित परिजनों ने डॉक्टर से मारपीट की और उनके कपड़े फाड़ दिए। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। मृतक की मौत से कुछ घंटे पहले का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें वह कह रहा है कि अस्पताल में दवा का स्टॉक खत्म हो गया है और उसने दवा बाहर से खरीदी। परिजनों का आरोप है कि गलत दवा और इंजेक्शन दिए जाने से उसकी हालत बिगड़ी, जिसके बाद उसे रेफर किया गया। वहीं, डॉक्टर पायल पाटीदार का कहना है कि मरीज को प्राथमिक इलाज के बाद हालत बिगड़ने पर रेफर किया गया था। घटना के विरोध में रविवार को माचलपुर के सभी मेडिकल स्टोर, निजी क्लीनिक और पैथोलॉजी लैब बंद रहे, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रहीं। पुलिस ने महिला डॉक्टर से मारपीट करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कंटेनर की टक्कर से महिला की मौत, मासूम भांजी घायल ड्राइवर फरार

ग्वालियर में सिरोल थाना क्षेत्र के सिकरौदा चौराहे पर शनिवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ। तेज रफ्तार कंटेनर ने सड़क पार कर रही मामी-भांजी को टक्कर मार दी। हादसे में शिवपुरी निवासी 40 वर्षीय फूलवती की मौत हो गई। उनकी 5 वर्षीय भांजी अनुष्का घायल हो गई। फूलवती अपने जीजा के घर पटा में शामिल होने के लिए दो दिन पहले आई थीं। शनिवार देर रात वह अपनी भांजी के साथ सड़क पार कर रही थीं। इसी दौरान कंटेनर ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों उछलकर दूर जा गिरीं। फूलवती के सिर में गंभीर चोट लगी। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बच्ची का इलाज जारी है। हादसे के बाद कंटेनर चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने आक्रोश में आकर ग्वालियर-झांसी हाइवे पर चक्काजाम कर दिया। जाम सिकरौदा से जौरासी तक लग गया। नौ थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने जाम खुलवाया। पुलिस ने फरार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

भारत के अनदेखे रत्न: ऐसे छुपे हुए जगहें जहाँ ज़रूर जाएँ

भारत के अनदेखे रत्न: ऐसे छुपे हुए जगहें जहाँ ज़रूर जाएँ भारत को अक्सर ताजमहल, गोवा, जयपुर या हिमालय जैसी मशहूर जगहों से जोड़ा जाता है। लेकिन इसके अलावा भी यहाँ कई ऐसी छुपी हुई जगहें (Hidden Gems) हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।ये जगहें न सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता और शांति प्रदान करती हैं, बल्कि यहाँ का लोकल कल्चर और अनुभव भी अद्भुत होता है। आइए जानते हैं भारत के कुछ ऐसे हिडन जेम्स के बारे में जहाँ आपको ज़रूर जाना चाहिए। 🏞️ 1. तवांग, अरुणाचल प्रदेश 🏝️ 2. गोकर्ण, कर्नाटक 🌄 3. स्पीति वैली, हिमाचल प्रदेश 🌊 4. माजुली आइलैंड, असम 🏰 5. ओरछा, मध्य प्रदेश 🏔️ 6. ज़ुलुक, सिक्किम 🪷 7. लोकटक लेक, मणिपुर ✅ निष्कर्ष भारत सिर्फ मशहूर पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं है। यहाँ के ये छुपे हुए रत्न आपको भीड़-भाड़ से दूर ले जाकर एक नया अनुभव देंगे।अगर आप अगली बार भारत में ट्रैवल प्लान बना रहे हैं, तो इन जगहों को अपनी लिस्ट में ज़रूर शामिल करें। 👉 असली यात्रा वही है, जहाँ आप सिर्फ जगह नहीं बल्कि संस्कृति, लोग और उनकी कहानियाँ भी खोजते हैं।

10 सुपरफूड्स जो आपकी इम्यूनिटी को नेचुरली बढ़ाते हैं

1. सिट्रस फल (संतरा, नींबू, मौसमी, चकोतरा) इन फलों में विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं (WBCs) को बढ़ाता है। ये कोशिकाएँ इंफेक्शन से लड़ने में सबसे अहम होती हैं। 👉 टिप: दिन की शुरुआत गुनगुने नींबू पानी से करें। 2. लहसुन लहसुन में पाया जाने वाला एलिसिन (Allicin) तत्व शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से बचाता है। 👉 टिप: कच्चा लहसुन सलाद या चटनी में इस्तेमाल करें। 3. अदरक अदरक शरीर की सूजन कम करता है, गले को आराम देता है और पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल गुण इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। 👉 टिप: अदरक की चाय या सूप में इस्तेमाल करें। 4. हल्दी हल्दी में मौजूद कर्क्यूमिन (Curcumin) एक शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट है। यह इम्यून सिस्टम को एक्टिव रखने में मदद करता है। 👉 टिप: रात में सोने से पहले हल्दी वाला दूध (गोल्डन मिल्क) पिएं। 5. बादाम बादाम में विटामिन E, हेल्दी फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो इंफेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं और त्वचा को भी स्वस्थ रखते हैं। 👉 टिप: रोज सुबह भीगे हुए बादाम खाएँ। 6. पालक पालक विटामिन C, बीटा-कैरोटीन और आयरन का अच्छा स्रोत है। यह शरीर को संक्रमण से लड़ने की क्षमता देता है। 👉 टिप: पालक को हल्का पकाकर खाएँ, ताकि इसके पोषक तत्व बने रहें। 7. दही दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों के लिए फायदेमंद बैक्टीरिया बढ़ाते हैं, जिससे इम्यूनिटी मजबूत होती है। दही में विटामिन D भी होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को नियंत्रित करता है। 👉 टिप: बिना चीनी वाला दही खाएँ और ऊपर से फल या बीज डालें। 8. ग्रीन टी ग्रीन टी में पाए जाने वाले कैटेचिन (Catechins) और एंटीऑक्सीडेंट शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालते हैं और इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं। 👉 टिप: रोज एक कप ग्रीन टी पिएं। 9. पपीता पपीता में विटामिन C, फोलेट और पाचक एंजाइम्स भरपूर होते हैं। यह पाचन सुधारने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। 👉 टिप: पपीता को नाश्ते या स्मूदी में शामिल करें। 10. बीज (सूरजमुखी, कद्दू, अलसी, चिया) ये छोटे-छोटे बीज पोषण से भरपूर होते हैं। इनमें जिंक, मैग्नीशियम और विटामिन E पाया जाता है, जो इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है। 👉 टिप: सलाद, दही या स्मूदी पर मिक्स्ड सीड्स डालें। ✅ निष्कर्ष इम्यूनिटी एक दिन में नहीं बनती, बल्कि यह आपके रोज़मर्रा की आदतों का नतीजा होती है। इन सुपरफूड्स के साथ पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम, पानी की सही मात्रा और स्ट्रेस मैनेजमेंट भी ज़रूरी है। अगर आप इन 10 इम्यूनिटी-बूस्टिंग सुपरफूड्स को अपनी डाइट में शामिल करेंगे, तो आपका शरीर infections से लड़ने के लिए ज्यादा तैयार रहेगा और आप लंबे समय तक स्वस्थ रहेंगे।

इंटरमिटेंट फास्टिंग की सच्चाई: फायदे और जोखिम

इंटरमिटेंट फास्टिंग की सच्चाई: फायदे और जोखिम आजकल इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting) फिटनेस और हेल्थ वर्ल्ड में एक ट्रेंड बन चुका है। कई लोग इसे वज़न कम करने और सेहत सुधारने का आसान तरीका मानते हैं। लेकिन क्या यह वाकई इतना असरदार और सुरक्षित है? आइए जानते हैं इंटरमिटेंट फास्टिंग की पूरी सच्चाई—इसके फायदे और जोखिम दोनों। इंटरमिटेंट फास्टिंग क्या है? इंटरमिटेंट फास्टिंग का मतलब है – खाने और उपवास के बीच संतुलन बनाना। इसमें आपको यह नहीं बताया जाता कि क्या खाना है, बल्कि यह तय किया जाता है कि कब खाना है। सबसे लोकप्रिय पैटर्न हैं: 16/8 मेथड – 16 घंटे उपवास और 8 घंटे का खाने का समय। 5:2 डाइट – हफ्ते में 5 दिन सामान्य खाना और 2 दिन कम कैलोरी डाइट। Eat-Stop-Eat – हफ्ते में 1-2 बार 24 घंटे का उपवास। इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदे 1. वज़न घटाना और फैट बर्निंग उपवास के दौरान शरीर इंसुलिन लेवल कम करता है और फैट को एनर्जी के रूप में इस्तेमाल करता है। इससे वज़न घटाने में मदद मिलती है। 2. ब्लड शुगर कंट्रोल यह डायबिटीज टाइप-2 के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि यह इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारता है। 3. हार्ट हेल्थ कुछ रिसर्च के अनुसार इंटरमिटेंट फास्टिंग ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में मदद कर सकता है। 4. ब्रेन फंक्शन बेहतर उपवास के दौरान ब्रेन-डिराइव्ड न्यूरोट्रॉफिक फैक्टर (BDNF) नामक प्रोटीन सक्रिय होता है, जो दिमाग की सेहत को मजबूत बनाता है। 5. लॉन्गेविटी और एंटी-एजिंग एनिमल स्टडीज दिखाती हैं कि इंटरमिटेंट फास्टिंग उम्र बढ़ाने और सेल रिपेयर में मदद कर सकता है। इंटरमिटेंट फास्टिंग के जोखिम 1. भूख और चिड़चिड़ापन शुरुआत में लंबे समय तक बिना खाए रहना मुश्किल हो सकता है, जिससे मूड स्विंग्स और कमजोरी महसूस हो सकती है। 2. पोषक तत्वों की कमी अगर आप खाने के समय सही डाइट नहीं लेते, तो विटामिन और मिनरल्स की कमी हो सकती है। 3. पाचन से जुड़ी समस्याएँ कुछ लोगों को गैस, एसिडिटी या पेट दर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। 4. सभी के लिए उपयुक्त नहीं गर्भवती महिलाएँ, बच्चे, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीज, या दवा लेने वाले लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह इंटरमिटेंट फास्टिंग नहीं करनी चाहिए। ✅ निष्कर्ष इंटरमिटेंट फास्टिंग कई लोगों के लिए वज़न घटाने और सेहत सुधारने का असरदार तरीका हो सकता है। लेकिन यह सभी के लिए सही नहीं है। इसे शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह ज़रूर लें। 👉 याद रखें: सेहत का सबसे बड़ा मंत्र है संतुलन—संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, और नियमित व्यायाम।

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