नेशनल लोक अदालत 13 दिसंबर को – बिजली चोरी के मामलों में समझौते से मिलेगी राहत
ग्वालियर। आगामी 13 दिसंबर 2025 (शनिवार) को नेशनल लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इस लोक अदालत में बिजली चोरी और अन्य विद्युत अनियमितताओं से जुड़े मामलों का समाधान समझौते के माध्यम से किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने उपभोक्ताओं और विद्युत उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे अप्रिय कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए अदालत में समझौता करें और संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क करें। विद्युत वितरण कंपनियों ने निर्णय लिया है कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत आने वाले लंबित और विचाराधीन प्रकरणों का निपटारा लोक अदालत में किया जाएगा। 🔹 छूट के लाभ और शर्तें: ⚡ केवल एक दिन का अवसर: यह राहत योजना सिर्फ 13 दिसंबर 2025 को होने वाली नेशनल लोक अदालत में किए गए समझौतों के लिए मान्य होगी। ऊर्जा विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने मामलों का निपटारा समझौते के जरिए कर लें और कानूनी प्रक्रिया से बचें।
फेक न्यूज़ से बचने के 5 आसान तरीके – डिजिटल युग में सच्चाई की पहचान करना सीखें
आज के सोशल मीडिया दौर में हर खबर सच नहीं होती। जानिए कुछ आसान ट्रिक्स जिनसे आप फेक न्यूज़ को पहचान सकते हैं और दूसरों तक सिर्फ सच्ची जानकारी पहुंचा सकते हैं। आज की डिजिटल दुनिया में “फेक न्यूज़” से बचने के 5 आसान तरीके लेख: FN News Channel टीम आज के समय में हर कोई मोबाइल पर न्यूज़ पढ़ता है — WhatsApp, Facebook, Instagram, Telegram या YouTube के ज़रिए।लेकिन क्या हर खबर सच होती है? नहीं।भारत में हर दिन सैकड़ों फेक न्यूज़ शेयर होती हैं जो लोगों में भ्रम और डर फैलाती हैं।ऐसे में सच्ची और झूठी खबर की पहचान करना बहुत ज़रूरी हो गया है।चलिए जानते हैं 5 आसान तरीके जिनसे आप खुद तय कर सकते हैं कि खबर सही है या नहीं। 1️⃣ सोर्स (Source) चेक करें हमेशा देखें कि खबर कहाँ से आई है।अगर खबर किसी ऑफिशियल न्यूज़ वेबसाइट, सरकारी पोर्टल, या विश्वसनीय मीडिया चैनल से आई है तो वह ज़्यादातर सही होगी।अगर लिंक किसी अनजान वेबसाइट या बिना नाम वाले पेज से आया है, तो सावधान रहें। 2️⃣ हेडलाइन से भ्रमित न हों कई बार हेडलाइन बहुत चौंकाने वाली होती है ताकि लोग क्लिक करें — इसे “Clickbait” कहा जाता है।पूरी खबर पढ़ें, सिर्फ हेडलाइन देखकर राय न बनाएं। 3️⃣ फोटो और वीडियो की जाँच करें फेक न्यूज़ में पुरानी या एडिट की गई तस्वीरें और वीडियो दोबारा इस्तेमाल होते हैं।आप Google Image Search या InVid टूल से जांच सकते हैं कि फोटो या वीडियो असली है या नहीं। 4️⃣ ऑथर और तारीख देखें कई फेक न्यूज पुराने घटनाओं को नए रूप में दिखाकर वायरल करती हैं।हमेशा खबर की तारीख देखें और देखें कि उसे किसने लिखा है। 5️⃣ सरकारी फैक्ट-चेक पोर्टल का इस्तेमाल करें भारत सरकार का PIB Fact Check (@PIBFactCheck on X / Twitter) या AltNews, BoomLive जैसी वेबसाइट्स पर जाकर आप किसी भी वायरल खबर की सच्चाई जान सकते हैं। 🧠 निष्कर्ष फेक न्यूज़ सिर्फ गलत जानकारी नहीं होती — यह समाज में डर, नफरत और भ्रम फैलाती है।एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमें हर खबर को साझा करने से पहले उसकी सच्चाई जांचनी चाहिए।सही जानकारी फैलाना ही असली देशभक्ति है। 📢 FN News Channel का मकसद है —“सच को पहचानो, सोच को बदलो।”हर दिन ताज़ा और सटीक जानकारी के लिए विजिट करें 👉 www.fnnewschannel.in
जनमित्र केन्द्रों में खुलेंगे मतदाता सहायता केन्द्र
ग्वालियर के सभी जनमित्र केन्द्रों में खुलेंगे मतदाता सहायता केन्द्र — एसआईआर में सहयता के लिए विशेष इंतजाम ग्वालियर, 2 नवंबर 2025: ग्वालियर जिले में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के सहयोग हेतु नगर निगम के सभी जनमित्र केन्द्रों में अब मतदाता सहायता केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर रुचिका चौहान ने नगर निगम आयुक्त को शीघ्र प्रभाव से यह व्यवस्था आरंभ करने के निर्देश दिए हैं। ये सहायता केन्द्र 4 नवम्बर 2025 से 4 दिसम्बर 2025 तक चलेगे। क्या काम होंगे सहायता केन्द्रों पर संचालन और टीम संरचना जिला अधिकारी के निर्देशानुसार हर सहायता केन्द्र में चार सदस्यीय टीम होगी, जिसका नेतृत्व एसआईआर प्रक्रिया से परिचित अनुभवी अधिकारी करेंगे। सहायता केन्द्र रोजाना सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक खुले रहेंगे ताकि मतदाताओं को सुविधाजनक समय पर मदद मिल सके। तकनीकी व अन्य सुविधाएँ किस इलाक़े को कवर करेंगे ये केन्द्र ग्वालियर नगर निगम क्षेत्र में आने वाले विधानसभा क्षेत्र — 14 (ग्वालियर ग्रामीण — शहरी भाग), 15 (ग्वालियर), 16 (ग्वालियर पूर्व) और 17 (ग्वालियर दक्षिण) — में ये सहायता केन्द्र कार्य करेंगे और हर क्षेत्र के मतदाताओं को करीब से सहायता दी जाएगी। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को मतदाता सूची, गणना पत्रक या बीएलओ से जुड़ी किसी जानकारी की आवश्यकता हो तो वे अपने नजदीकी जनमित्र केन्द्र पर संपर्क करें और निर्धारित अवधि में अपना सहयोग सुनिश्चित करें।
ग्वालियर में कार्बाइड बंदूक पर तत्काल प्रतिबंध: त्योहारों में सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन का सख्त कदम
ग्वालियर, 1 नवंबर 2025 – त्योहारी सीजन में बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए ग्वालियर जिला प्रशासन ने देशी पताखा बंदूक यानी कार्बाइड बंदूक के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला 24 अक्टूबर को हुई कई चोट की घटनाओं के बाद लिया गया है। क्या है कार्बाइड बंदूक और क्यों है खतरनाक? कार्बाइड बंदूकें स्थानीय स्तर पर बनाई जाती हैं, जिनमें कैल्शियम कार्बाइड और पानी के मिश्रण से उत्पन्न गैस का उपयोग गोली की तरह किया जाता है। दीपावली और अन्य त्योहारों में युवा इनका इस्तेमाल मनोरंजन के लिए करते हैं, लेकिन इनके फटने से गंभीर चोटें, आंखों की रोशनी जाना और यहां तक कि जानलेवा हादसे हो सकते हैं। पिछले सप्ताह ग्वालियर में ऐसी ही कई घटनाएं सामने आईं, जिनमें बच्चे और युवा घायल हुए। इनमें से कुछ मामलों में अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। प्रशासन का सख्त आदेश जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू कर दी है: पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। अभिभावकों और युवाओं से अपील प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और उन्हें इन खतरनाक खिलौनों से दूर रखें। स्कूलों और कॉलेजों में भी जागरूकता अभियान चलाने की योजना है। “त्योहार खुशियां लाने के लिए होते हैं, दुर्घटनाएं नहीं। सुरक्षा सबसे पहले।” – जिलाधिकारी, ग्वालियर आगे क्या? जिला प्रशासन ने स्थानीय दुकानदारों और निर्माताओं के साथ बैठक बुलाई है, जिसमें वैकल्पिक सुरक्षित मनोरंजन के साधनों पर चर्चा होगी। साथ ही, दीपावली से पहले विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। कीवर्ड्स: ग्वालियर कार्बाइड बंदूक प्रतिबंध, देशी पताखा बंदूक, ग्वालियर समाचार, दीपावली सुरक्षा, जिला प्रशासन ग्वालियर, पुलिस कार्रवाई, त्योहार हादसे, मध्य प्रदेश समाचार यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है। नवीनतम जानकारी के लिए बने रहें। Follow us to stay updated with the latest news Instagram Facebook Youtube #gwaliorchambaltimes #fnenewschannel
पहली बार डिजिटल माध्यम से होगी गणना
ग्वालियर जिले में जनगणना की तैयारियां शुरू — पहली बार डिजिटल माध्यम से होगी गणना ग्वालियर, 31 अक्टूबर 2025 (FN News Channel):भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा वर्ष 2027 में प्रस्तावित डिजिटल जनगणना की तैयारियां अब ग्वालियर जिले में भी शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागों की बैठक आयोजित की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर चौहान ने कहा कि भारत में जनगणना की एक गौरवशाली परंपरा रही है, और इस बार इसे डिजिटल स्वरूप में और अधिक सटीक व पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक व्यक्ति की गणना जिम्मेदारी और ईमानदारी से की जाए ताकि आंकड़ों की सटीकता बनी रहे। उन्होंने जिले के नागरिकों से भी अपील की कि जब जनगणना अधिकारी (प्रगणक) घर-घर जानकारी लेने आएं, तो उन्हें सही व पूरी जानकारी प्रदान करें। वर्ष 2026 में मकान सूचीकरण, 2027 में जनगणना कार्य बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार वर्ष 2026 में मकान सूचीकरण (House Listing) का कार्य किया जाएगा, जबकि वर्ष 2027 में वास्तविक जनगणना संपन्न होगी।इस बार जनगणना की प्रक्रिया में एक नया फीचर जोड़ा गया है — ‘स्व-गणना (Self Enumeration)’, जिसके माध्यम से परिवार स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। बाद में जनगणना कर्मी उस जानकारी का सत्यापन करेंगे। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय, अपर कलेक्टर श्री कुमार सत्यम, और अपर आयुक्त नगर निगम श्री मुनीष सिकरवार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। वार्ड 5 और 64 में पायलट प्रोजेक्ट — नवंबर में होगी प्रारंभिक जनगणना ग्वालियर में जनगणना की प्रक्रिया को परखने के लिए वार्ड नंबर 5 और 64 को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है। इन क्षेत्रों में नवंबर माह में मकान सूचीकरण और जनगणना का कार्य किया जाएगा। इसके लिए चयनित प्रगणकों को 5 से 7 नवंबर 2025 के बीच प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रगणक नवंबर माह के दौरान फील्ड में जाकर घर-घर जानकारी एकत्र करेंगे। यह पायलट प्रोजेक्ट आने वाली राष्ट्रीय जनगणना के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे डिजिटल पद्धति की व्यवहारिकता और सटीकता की जांच की जा सकेगी। 📍रिपोर्ट: FN News Channel टीम, ग्वालियर🕓 प्रकाशन तिथि: 31 अक्टूबर 2025
सोशल मीडिया: वरदान या अभिशाप?
🌐 प्रस्तावना आज के समय में अगर किसी चीज़ ने दुनिया को सबसे ज़्यादा जोड़ा है, तो वह है सोशल मीडिया। फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर), यूट्यूब और व्हाट्सएप जैसी प्लेटफ़ॉर्म्स ने हर व्यक्ति को अपनी बात रखने की आज़ादी दी है।लेकिन सवाल यह उठता है — क्या सोशल मीडिया वास्तव में समाज के लिए वरदान है या धीरे-धीरे बनता जा रहा है एक अभिशाप? 🌟 सोशल मीडिया के फायदे ⚠️ सोशल मीडिया के नुकसान ⚖️ संतुलन ही समाधान सोशल मीडिया न तो पूरी तरह वरदान है, न ही पूरी तरह अभिशाप। असल फर्क इस बात से पड़ता है कि हम इसका उपयोग कैसे करते हैं। 🔚 निष्कर्ष सोशल मीडिया ने दुनिया को छोटा बना दिया है, लेकिन जिम्मेदारी भी बढ़ा दी है।अगर हम इसका इस्तेमाल सोच-समझकर करें तो यह समाज, शिक्षा और जागरूकता का सबसे बड़ा साधन बन सकता है।लेकिन अगर लापरवाही से इस्तेमाल करें — तो यही ताकत समाज को तोड़ भी सकती है। FN News Channel का संदेश:“सोशल मीडिया का इस्तेमाल समझदारी से करें, ताकि यह हमारे जीवन में विकास का माध्यम बने, विनाश का नहीं।”
मशहूर गायक पर धोखाधड़ी का आरोप
कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की, अगली सुनवाई 24 नवंबर ग्वालियर, 28 अक्टूबर 2025: शहर की रहने वाली लावन्या सक्सेना ने मशहूर बॉलीवुड गायक अदनान सामी के खिलाफ जिला न्यायालय में परिवाद दाखिल किया है। अदालत ने इस मामले में इंदरगंज थाना पुलिस से स्थिति (स्टेटस) रिपोर्ट माँगी है और अगली सुनवाई 24 नवंबर, 2025 के लिए निश्चित की है। मुकदमे के अनुसार, वादकर्ता लावन्या ने अदनान सामी की टीम से 27 सितंबर 2022 को एक संगीत कार्यक्रम कराए जाने के लिए संपर्क किया था। कार्यक्रम की कुल रकम 33 लाख रुपए तय हुई थी और लावन्या ने बतौर अग्रिम (एडवांस) 17 लाख 62 हजार रुपए भुगतान किए। आगे की तैयारियों के बाद, शिकायतकर्ता का कहना है कि अदनान सामी की ओर से कार्यक्रम अचानक रद्द कर दिया गया और बाद में आयोजन करने का आश्वासन दिया गया — पर वह आयोजन कभी नहीं हुआ। लावन्या का दावा है कि जब उन्होंने अपनी जमा राशि वापसी के लिए कहा तो गायक की टीम ने भुगतान लौटाने से इनकार कर दिया। पीड़िता ने पहले 4 सितंबर 2025 को इंदरगंज थाने में प्राथमिकी/शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उन्हें पुलिस से संतोषजनक कार्रवाई नहीं मिली। 11 सितंबर 2025 को उन्होंने ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव को लिखित आवेदन दिया और 6 अक्टूबर 2025 को आईजी अरविंद सक्सेना के कार्यालय में भी शिकायत प्रस्तुत की — तथापि वहां से भी कोई ठोस राहत नहीं मिली। न्यायालय में दायर परिवाद के बाद जज ने मामले की आगे की जांच के लिए इंदरगंज थाना से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस के पास पहले की गई शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई और राशि वापसी के संबंध में कौन-कौन से दस्तावेज़ उपलब्ध हैं, इन बातों की जानकारी स्टेटस रिपोर्ट में दी जानी चाहिए। अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी, जब अदालत पुलिस की रिपोर्ट पर निर्णय ले सकेगी। अधिवक्ता अवधेश सिंह तोमर ने बताया कि शिकायतकर्ता ने सभी जरूरी रसीदें और बैंक ट्रांज़ैक्शन के सबूत अदालत में प्रस्तुत किए हैं। दूसरी ओर, अदनान सामी या उनकी टीम की ओर से अभी तक अदालत में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं हुई है। यह मामला सार्वजनिक तौर पर सामने आने के बाद चर्चा का विषय बना हुआ है। अदालत में दर्ज परिवाद और पुलिस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कारवाई तय होगी। पाठकों को अदालत की अगली सुनवाई तथा पुलिस की प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के अनुसार और जानकारी दी जाएगी।
मेले में दुकानें लगाने के लिये अब तक ऑनलाइन 489 आवेदन आए
ऑटोमोबाइल सेक्टर के 31 अक्टूबर तक व अन्य सेक्टर की दुकानों के लिये 6 नवम्बर तक आवेदन होंगे मान्य ग्वालियर : सोमवार, अक्टूबर 27, 2025 इस साल ऑनलाइन पद्धति से लिए जा रहे हैं दुकानों के आवेदन इस साल लगने जा रहे श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला की तैयारियां जारी हैं। मेले की दुकानों के लिये ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। दुकानें लगाने के लिये एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अब तक 489 ऑनलाइन आवेदन मेला प्राधिकरण को प्राप्त हो चुके हैं। ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के सचिव श्री सुनील त्रिपाठी ने जानकारी ने बताया कि ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिये ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर रखी गई है। अन्य सेक्टर के लिये ऑनलाइन आवेदन की 06 नवम्बर आखिरी तिथि निर्धारित है। मेला सचिव ने स्पष्ट किया है कि जिन दुकानदारों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किए गए हैं परंतु बकाया भुगतान नहीं किया है, उनके आवेदन स्वत: निरस्त हो जायेंगे। ज्ञात हो इस साल 25 दिसम्बर से 25 फरवरी तक श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला लगने जा रहा है।
भूखों को खाना खिलाना सच्ची इंसानियत*
ऑल इंडिया पयामे इंसानियत फोरम ग्वालियर यूनिट का पैगाम हमारा यह मानना है कि मानव समाज की सबसे बड़ी उपलब्धि मानवता है,अगर किसी को ये मिल गई तो वह समाज का सबसे धनी और सुखी व्यक्ति माना जायेगा,अतः हमें चाहिए कि हम हर किसी के दुःख दर्द में काम आएं।ऑल इंडिया पायामे इंसानियत फोरम यूनिट ग्वालियर की ओर से शहर ग्वालियर के सरकारी अस्पतालों में फल वितरण,जेल में कपड़े तक्सीम व अन्य स्थानों पर कम्बल वितरण,गर्मियों में निःशुल्क ठंडे पानी का इंतजाम आदि प्रतियोगिता का आयोजन समय-समय पर किया जाता है। हमारी कोशिश रहती है कि ज़रूरतमंदों तक हमारी सेवाएँ पहुंचे और उन्हें खुशी मिले।वर्तमान में जबकि मानवता संकट में है तो ज़रूरत है कि समाज के मध्य जाकर उनमें मानवता का संचार किया जाय और उनके दुःख-दर्द में शामिल हुआ जाय, इसी सोच को बढ़ावा देने के लिए हम लोगों ने भूखमरी से मुक्त अभियान के तहत ये आयोजन किया गया,आगे भी हम लोग प्रयास रत हैं कि निरंतर ये सेवा करते रहें और भूखों का खाना खिलाते रहें।
चेतकपुरी पोस्ट से जा रही डायल-112 एफआरवी अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ी, दो आरक्षक निलंबित
ग्वालियर, 19 अक्टूबररात के अँधेरे में झांसी रोड के नाका चंद्रवदनी के पास डायल-112 (एफआरवी) वाहन अनियंत्रित होकर शहर के डिवाइडर पर चढ़ गया और पलट गया। पुलिस के मुताबिक, वाहन चेतकपुरी पाइंट पर तैनात था और रात की गश्त के दौरान चेतकपुरी से झांसी रोड थाना की तरफ जा रहा था। इसी दौरान पायलट शैलेंद्र गुर्जर को अचानक झपकी आने पर वाहन नियंत्रण खो बैठा और दुर्घटना हुई। एफआरवी में पायलट के साथ आरक्षक संतोष शर्मा और जगमोहन शर्मा भी सवार थे। इस हादसे के बाद उच्चाधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया है। साथ ही, एफआरवी प्रभारी भारत सिंह की ओर से पायलट शैलेंद्र गुर्जर के खिलाफ झांसी रोड थाने में नींद में वाहन चलाने की लापरवाही के आरोप में औपचारिक प्रकरण दर्ज कराया गया है। पुलिस प्रशासन ने प्राथमिक जांच प्रारंभ कर दी है और घटनास्थल से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है — जैसे कि वाहन की तकनीकी स्थिति, चालक की थकान/ड्यूटी रिकॉर्ड और गश्त के दौरान नियमानुसार व्यवस्था का पालन हुआ या नहीं। आगे की जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
