Typography

ग्वालियर: कूरियर कंपनी की लापरवाही पर उपभोक्ता आयोग सख्त, 15 हजार का जुर्माना

ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक अहम फैसले में कूरियर सेवाओं की गैर-जिम्मेदार कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने समय पर डिलीवरी न करने को “सेवा में कमी” मानते हुए मधुर कूरियर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को दोषी ठहराया और उपभोक्ता को 15,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। मामला ग्वालियर निवासी हितेन्द्र राठौर से जुड़ा है। उन्होंने 22 नवंबर 2024 को अपने बेटे के लिए जरूरी दवाइयों का पार्सल नोएडा भेजने के लिए मधुर कूरियर में बुक कराया था। कंपनी ने भरोसा दिलाया था कि पार्सल 25 नवंबर तक पहुंचा दिया जाएगा, क्योंकि उनके बेटे को 30 नवंबर को नोएडा से किसी अन्य स्थान पर जाना था। लेकिन तय तारीख तक पार्सल नहीं पहुंचा। बाद में 1 दिसंबर को कूरियर कंपनी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि डिलीवरी पते पर कोई मौजूद नहीं था। हितेन्द्र राठौर ने आयोग को बताया कि उन्होंने पहले ही कंपनी को सूचित कर दिया था कि संबंधित व्यक्ति वहां से जा चुका है और पार्सल वापस करने का भी अनुरोध किया था। सुनवाई के दौरान, नोटिस मिलने के बावजूद कूरियर कंपनी का कोई प्रतिनिधि आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद आयोग ने उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर एकपक्षीय कार्यवाही करते हुए फैसला सुनाया। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि कंपनी की लापरवाही के कारण उपभोक्ता और उसके पुत्र को मानसिक तनाव के साथ-साथ शारीरिक परेशानी भी उठानी पड़ी। इसे गंभीर सेवा दोष मानते हुए आयोग ने कूरियर कंपनी पर मुआवजा लगाने का निर्णय दिया।

ग्वालियर: पत्नी और बॉयफ्रेंड ने मिलकर रची हत्या की साजिश, चार बार कोशिश के बाद हुई संतोष गिरी की हत्या

ग्वालियर के कंपू थाना क्षेत्र में 21 जनवरी को हुई संतोष गिरी (35) की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि इस मर्डर की पूरी साजिश मृतक की पत्नी रीना ने अपने बॉयफ्रेंड अमित खान के साथ मिलकर रची थी। हत्या में अमित के दोस्त सन्नी ने भी मदद की थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, 21 जनवरी की रात करीब 9 बजे नयागांव इलाके में झाड़ियों में एक युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया था। मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच की तो पता चला कि युवक को दो गोलियां मारी गई थीं। एक गोली सिर के आर-पार हो गई थी, जबकि दूसरी शरीर में धंसी हुई थी। अगले दिन मृतक की पहचान घाटीगांव के जखोदा गांव निवासी संतोष गिरी के रूप में हुई। शादी के बाद शुरू हुआ प्रेम प्रसंगसंतोष की शादी 2020 में भिंड के मेहगांव निवासी रीना से हुई थी। कुछ समय बाद ही अमित खान का संतोष के घर आना-जाना शुरू हो गया। रीना ने अमित को अपना मुंहबोला भाई बताकर परिवार को गुमराह किया। साल 2023 में रीना पति से झगड़ा कर चीनौर अपने जीजा के घर रहने चली गई, जहां अमित से उसके संबंध और गहरे हो गए। जब संतोष को दोनों के रिश्ते की भनक लगी तो उसने तलाक देने से इनकार कर दिया। इसी बात से नाराज होकर रीना ने अमित को इमोशनल तरीके से उकसाया और कहा कि जब तक संतोष जिंदा है, वे एक नहीं हो सकते। चार बार की गई हत्या की कोशिशपुलिस जांच में सामने आया कि रीना, अमित और सन्नी ने मिलकर पहले तीन बार संतोष की हत्या की कोशिश की थी। आखिरकार गोली मारकर की हत्या21 जनवरी को आरोपियों ने संतोष को शराब पार्टी के बहाने बुलाया और जमकर शराब पिलाई। जब वह पूरी तरह नशे में धुत हो गया तो अमित ने उसके सिर में गोली मार दी। मौत की पुष्टि के लिए एक और गोली शरीर में दागी गई और शव झाड़ियों में फेंक दिया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। यह पूरा मामला रिश्तों की आड़ में रची गई एक खौफनाक साजिश का उदाहरण बन गया है।

सुल्तानपुर MP/MLA कोर्ट में आज राहुल गांधी की पेशी, मानहानि केस में दर्ज होगा बयान

सुल्तानपुर | रायबरेली से सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से जुड़े एक मानहानि मामले की सुनवाई आज सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में होगी। यह मामला कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर की गई कथित टिप्पणी से जुड़ा है। कोर्ट में आज CrPC की धारा 313 के तहत राहुल गांधी का बयान दर्ज किया जाना है। राहुल गांधी सोमवार और मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर रायबरेली में रहेंगे, ऐसे में उनके सुल्तानपुर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने की संभावना जताई जा रही है। संभावित पेशी को देखते हुए कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है, वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भी बड़ी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है। वादी विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडेय के अनुसार, पिछली सुनवाई में बचाव पक्ष की ओर से गवाह रामचंद्र दुबे की जिरह पूरी हो चुकी है। इसके बाद जज शुभम वर्मा ने 6 जनवरी को आदेश जारी करते हुए राहुल गांधी को 19 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बयान देने का निर्देश दिया था। इस मामले में इससे पहले राहुल गांधी 26 जुलाई 2024 को कोर्ट में पेश हुए थे। गौरतलब है कि यह मामला वर्ष 2018 से विचाराधीन है। आरोप है कि कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने एक सार्वजनिक सभा में ऐसी टिप्पणी की थी, जिसे भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अपमानजनक बताते हुए मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद 4 अगस्त 2018 को सुल्तानपुर कोर्ट में यह केस दाखिल किया गया था।

मार्शल लॉ की कोशिश पड़ी भारी, दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति को 5 साल की सजा

दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को पांच साल की जेल की सजा सुनाई है। दिसंबर 2024 में अपने कार्यकाल के दौरान पूरे देश में मार्शल लॉ लागू करने की कोशिश को अदालत ने सत्ता का दुरुपयोग करार दिया। शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए जज ने कहा कि यून के कदमों से देश गंभीर राजनीतिक संकट में फंस गया था। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, सुनवाई के दौरान यून के करीब 100 समर्थक अदालत के बाहर बड़ी स्क्रीन पर लाइव कार्यवाही देखते नजर आए। कुछ समर्थकों के हाथों में लाल बैनर थे, जिन पर लिखा था—“यून, वापस आओ! कोरिया को फिर से महान बनाओ।” रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुछ दिन पहले यून ने खुद को अपने घर में बंद कर लिया था और बाहर सुरक्षा गार्ड तैनात कर दिए थे, ताकि जांच एजेंसियों के अधिकारी अंदर न पहुंच सकें। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। यून सुक योल पर कई मामलों में मुकदमे चल रहे हैं, जिनमें सबसे गंभीर आरोप देशद्रोह का है। अभियोजन पक्ष ने अदालत से उनके लिए मौत की सजा की मांग की है। इस मामले में अदालत फरवरी में अगली सुनवाई और फैसला सुनाने वाली है।

दिल्ली में डिजिटल अरेस्ट ठगी का बड़ा खुलासा, 78 वर्षीय बुजुर्ग से 2.19 करोड़ की साइबर ठगी

दिल्ली में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर 78 वर्षीय बुजुर्ग से 2.19 करोड़ रुपये की ठगी की गई। इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक से लेकर फैक्ट्री मालिक तक शामिलपुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश निवासी 30 वर्षीय दीपेश पाटीदार (इलेक्ट्रॉनिक रिपेयर शॉप संचालक), 28 वर्षीय अंशुल राठौड़ (डीजे और म्यूजिक सिस्टम किराये पर देने वाला), 36 वर्षीय श्याम बाबू गुप्ता (उत्तर प्रदेश के झांसी में प्लास्टिक प्लेट फैक्ट्री संचालक), 25 वर्षीय राघवेंद्र वर्मा (बाइक एक्सेसरीज़ दुकानदार) और 25 वर्षीय देवेश सिंह (आईटीआई डिप्लोमा होल्डर, हाल ही में बीटेक में दाखिला लिया) के रूप में हुई है। डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर रची साजिशमामले की शुरुआत तब हुई जब बुजुर्ग को एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को लखनऊ पुलिस मुख्यालय का वरिष्ठ अधिकारी बताया। आरोपी ने कहा कि पीड़ित के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में दो गिरफ्तारी वारंट जारी हुए हैं। उम्र का हवाला देकर थाने आने में असमर्थता जताने पर ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ की कहानी गढ़ी और फर्जी केस दस्तावेज दिखाकर बुजुर्ग को डराया। फर्जी CBI ऑफिस और वकील का नाटकआरोपियों ने पीड़ित को लगातार व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा और घर से बाहर न निकलने तथा किसी से संपर्क न करने के निर्देश दिए। इस दौरान फर्जी CBI ऑफिस दिखाया गया और एक व्यक्ति को वकील बनाकर भी बात करवाई गई। ठगों ने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि रकम RBI के सत्यापन खातों में जमा की जा रही है। 26 नवंबर से 4 दिसंबर के बीच ट्रांसफर हुई रकमडर और दबाव में आकर बुजुर्ग ने 26 नवंबर से 4 दिसंबर के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 2 करोड़ 19 लाख 18 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। जांच में हुआ पूरे गिरोह का पर्दाफाश5 दिसंबर को ई-एफआईआर दर्ज होने के बाद दिल्ली पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल सुरागों की जांच शुरू की। जांच में करीब 1 करोड़ रुपये दीपेश पाटीदार के खाते में ट्रेस हुए, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी की गई। पूछताछ के दौरान पूरे गिरोह का खुलासा हुआ। अहम सबूत बरामदपुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड, चेकबुक, रबर स्टांप और आधार कार्ड की प्रतियां बरामद की हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में भेजी गई और कहीं और ऐसे मामलों में भी यह गिरोह शामिल तो नहीं रहा है। नोट: पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी तरह की ‘डिजिटल अरेस्ट’, फर्जी CBI या पुलिस कॉल से सावधान रहें और ऐसी स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन से संपर्क करें।

क्विक कॉमर्स कंपनियों ने हटाया ‘10 मिनट में डिलीवरी’ का दावा, सरकार की सख्ती के बाद बदली रणनीति

क्विक कॉमर्स सेक्टर की प्रमुख कंपनियों ब्लिंकिट, स्विगी और जेप्टो ने अपने विज्ञापनों से ‘10 मिनट में डिलीवरी’ का दावा हटा दिया है। यह फैसला डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं, हालिया हड़तालों और केंद्र सरकार की दखल के बाद लिया गया है। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया के साथ हुई अहम बैठक में कंपनियों ने भरोसा दिलाया कि वे अब ग्राहकों से किसी निश्चित समय सीमा का वादा करने वाली ब्रांडिंग नहीं करेंगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी भी बिजनेस मॉडल को वर्कर्स की जान जोखिम में डालकर नहीं चलाया जा सकता। बैठक में लिए गए तीन अहम फैसले बैठक के दौरान सरकार और कंपनियों के बीच तीन प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी— बदलेगी मार्केटिंग स्ट्रैटजी, ऑपरेशनल एफिशिएंसी रहेगी कंपनियों ने साफ किया है कि वे अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी बनाए रखेंगी, लेकिन विज्ञापनों के जरिए ऐसी अपेक्षाएं नहीं बनाएंगी, जिससे डिलीवरी पार्टनर्स पर तेज ड्राइविंग का दबाव पड़े। अब ‘सबसे तेज’ के बजाय ‘बेहतर और भरोसेमंद सेवा’ को प्राथमिकता दी जाएगी। क्विक कॉमर्स मॉडल पर उठते रहे हैं सवाल बीते कुछ समय से सोशल मीडिया और विशेषज्ञों के बीच 10–15 मिनट में डिलीवरी के दावों की आलोचना हो रही थी। सड़क सुरक्षा से जुड़े संगठनों का कहना था कि इतने कम समय का दबाव राइडर्स को तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के लिए मजबूर करता है। राघव चड्ढा ने फैसले का किया स्वागत आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा,“सत्यमेव जयते। क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से ‘10-मिनट डिलीवरी’ ब्रांडिंग हटाने के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद। यह फैसला सही समय पर और संवेदनशीलता के साथ लिया गया है।” अब जानिए इससे जुड़े 10 अहम सवाल-जवाब 1. क्या डिलीवरी समय बढ़ेगा?अब डिलीवरी में औसतन 5–10 मिनट का इजाफा हो सकता है, लेकिन इसके साथ राइडर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। 2. क्या बदलाव सिर्फ विज्ञापन तक सीमित है?नहीं, कंपनियों को अपने ऐप एल्गोरिदम और वर्किंग मॉडल में भी बदलाव करने होंगे। 3. नियम तोड़ने पर क्या कार्रवाई होगी?नए कानून के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है और नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड निगरानी करेगा। 4. डिलीवरी पार्टनर्स की कमाई पर असर?ऑर्डर की संख्या घटने से प्रति दिन की कुल कमाई पर असर पड़ सकता है, क्योंकि भुगतान प्रति डिलीवरी आधारित है। 5. सरकार और कंपनियों के बीच क्या सहमति बनी?10 मिनट की ब्रांडिंग हटाने और वर्कर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर सहमति। 6. गिग वर्कर्स की सुरक्षा नीति कब लागू होगी?‘सोशल सिक्योरिटी कोड 2020’ के तहत नियम लागू किए जा चुके हैं, जिनमें बीमा और पेंशन जैसे प्रावधान शामिल हैं। 7. सड़क हादसों के पुख्ता आंकड़े?आंकड़ों से ज्यादा संसद में राइडर्स की बदहाल स्थिति और जोखिम भरे कामकाज पर चर्चा हुई। 8. नई मार्केटिंग में क्या बदलेगा?अब ‘फास्ट डिलीवरी’ की जगह ‘ज्यादा वैरायटी’ और बेहतर सर्विस को प्रमोट किया जाएगा। 9. गिग वर्कर्स की हड़ताल का नतीजा?सरकारी हस्तक्षेप और सामाजिक सुरक्षा को लेकर ठोस पहल। 10. क्विक कॉमर्स के भविष्य पर असर?अब प्रतिस्पर्धा गति नहीं, बल्कि भरोसे, गुणवत्ता और कस्टमर एक्सपीरियंस पर होगी। निष्कर्ष क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री अब एक नए दौर में प्रवेश कर रही है, जहां रफ्तार से ज्यादा सुरक्षा, भरोसा और टिकाऊ मॉडल को अहमियत दी जाएगी। यह फैसला न सिर्फ डिलीवरी पार्टनर्स के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार कारोबार की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

इस खाड़ी देश में भारतीयों की तगड़ी कमाई, 1000 दिनार की वैल्यू भारत में सीधी 2 लाख!

बहरीन अपनी मजबूत करेंसी बहरीन दिनार (BHD) की वजह से दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर खींचता है. जिस समय कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं उतार-चढ़ाव देख रही हैं, बहरीन दिनार लगातार दुनिया की सबसे महंगी मुद्राओं की सूची में शीर्ष पर बना हुआ है. भारत जैसे देशों के लोग अक्सर यह जानना चाहते हैं कि आखिर बहरीन दिनार इतना मूल्यवान क्यों है और वहां काम करने वालों को किस तरह के फायदे मिलते हैं. वाइस डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक  1 बहरीन दिनार (BHD) लगभग 239 रुपये के बराबर बैठता है. अगर कोई भारतीय बहरीन में 1000 BHD कमाता है तो भारत में उसकी वैल्यू 239,232 रुपये के बराबर होती है. इसी वजह से बहरीन भारतीय कामगारों, इंजीनियरों, डॉक्टरों, IT पेशेवरों और वित्तीय विशेषज्ञों के लिए बड़ा आकर्षण बन चुका है. बहरीन दिनार की मजबूती केवल तेल की कमाई पर आधारित नहीं है, बल्कि यह उसके स्थिर आर्थिक ढांचे और पारदर्शी वित्तीय तंत्र की भी देन है. बहरीन की अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत क्यों? बहरीन को लंबे समय तक तेल आधारित अर्थव्यवस्था माना जाता रहा, लेकिन समय बदलते ही देश ने अपने आर्थिक ढांचे को आधुनिक और विविध स्वरूप दिया. आज बहरीन को खाड़ी क्षेत्र का Financial Hub कहा जाता है, जहां का बैंकिंग सेक्टर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार अत्यंत पारदर्शी और विश्वसनीय है. बहरीन में भारतीयों की बड़ी आबादी eoi.gov.in की सरकारी वेबसाइट के मुताबिक बहरीन में लगभग 3.2 लाख भारतीय रहते हैं, जिनका योगदान वहां के श्रम बाजार में बहुत महत्वपूर्ण है. ये भारतीय मुख्य रूप से निर्माण और इंजीनियरिंग, बैंकिंग और वित्त, IT और टेक्नोलॉजी, होटल और रेस्टोरेंट, शिक्षा और अस्पताल, बिज़नेस और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में काम करते हैं. बहरीन की सरकार भारतीय समुदाय को न सिर्फ काम के अवसर देती है बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता भी प्रदान करती है. मंदिर, गुरुद्वारे, स्कूल और सांस्कृतिक केंद्र यहां खुले रूप से संचालित होते हैं, जिससे भारतीय प्रवासियों को अपना सांस्कृतिक जुड़ाव हमेशा महसूस होता है.

Adani Infra (India) Pvt Ltd को 480 एकड़ जमीन आवंटित

आंध्र प्रदेश सरकार ने 480 एकड़ जमीन आवंटित की — अदाणी-गूगल एआई डेटा सेंंटर के लिए 4 दिसंबर 2025 — राज्य सरकार ने Adani Infra (India) Pvt Ltd को 480 एकड़ जमीन आवंटित की है ताकि Raiden Infotech India Pvt Ltd (Google की सहायक कंपनी) के माध्यम से विशाखापत्तनम एवं अनकापल्ली जिलों में एक विशाल एआई डेटा सेंटर बनाया जा सके। सरकारी आदेश के अनुसार — मंत्रिपरिषद की 28 नवंबर 2025 की बैठक में प्रस्ताव की स्वीकृति मिली थी, और 2 दिसंबर को औपचारिक रूप से 480 एकड़ जमीन हस्तांतरण की मंजूरी दी गई। इस परियोजना की कुल अनुमानित निवेश राशि ₹ 87,500 करोड़ से अधिक बताई गई है, और राज्य सरकार द्वारा कंपनी को भविष्य में ₹ 22,000 करोड़ के प्रोत्साहन (incentives) दिए जाने की घोषणा की गई है। “नोटिफाइड PARTNERS” की सूची में केवल Adani Infra नहीं, बल्कि AdaniConneX India Pvt Ltd, Adani Power India Pvt Ltd, Bharti Airtel Ltd, Nxtra Data Ltd और Nxtra Vizag Ltd (Bharti Airtel की सहायक कंपनी) को भी शामिल किया गया था। लेकिन ‘प्राथमिक अधिसूचित भागीदार’ के रूप में विशेष रूप से Adani Infra को ही जमीन आवंटित की गई है। सरकारी नोट में कहा गया है कि डेटा सेंटर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनेगा — वही मानक जिन पर Google की Search, YouTube और Workspace जैसी सेवाएँ चलती हैं। परियोजना की क्षमता 1 गीगावाट होगी, और इसका बिजली एवं नेटवर्क बुनियादी ढांचा अत्याधुनिक होगा। 🔎 क्या है महत्व — और किन बिंदुओं पर ध्यान

अप्रेन्टिसशिप युवा संगम एवं रोजगार–स्वरोजगार मेला 25 नवम्बर को

प्रतिष्ठित कंपनियाँ ग्वालियर में करेंगी भर्ती, युवाओं के लिए बड़ा अवसर प्रतिष्ठित निजी कंपनियाँ करेंगी चयन जिला रोजगार कार्यालय के अनुसार मेले में कई नामी निजी कम्पनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। प्रमुख भाग लेने वाली कम्पनियाँ— इन पदों पर होगी भर्ती मेले में 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के युवा हिस्सा ले सकेंगे। चयनित उम्मीदवारों को ₹10,000 से ₹50,000 मासिक वेतन दिया जाएगा। भर्ती निम्न पदों पर की जाएगी— स्वरोजगार के लिए ऋण प्रकरण भी तैयार होंगे जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा युवाओं के लिए स्वरोजगार हेतु ऋण प्रकरण भी तैयार किए जाएंगे, जिससे इच्छुक युवा स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकें। आवश्यक दस्तावेज़ मेले में उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों को निम्न दस्तावेज़ साथ लाने होंगे— नोट: प्रतिभागियों को किसी प्रकार का यात्रा भत्ता (TA) देय नहीं होगा।

ग्वालियर व्यापार मेले में दुकानों के ऑनलाइन आवंटन की अंतिम तिथि 21 नवम्बर तक बढ़ी

ब्लैक या किराए पर दुकान देने वालों पर ₹1 लाख का जुर्माना लगेगा — संभाग आयुक्त मनोज खत्रीग्वालियर | गुरुवार, 13 नवम्बर 2025 श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला वर्ष 2025-26 में दुकानों के ऑनलाइन आवंटन की अंतिम तिथि अब 21 नवम्बर 2025 तक बढ़ा दी गई है। पहले यह प्रक्रिया 10 नवम्बर तक निर्धारित थी, लेकिन अब मेले में शेष दुकानों के आवंटन के लिए एमपी ऑनलाइन पोर्टल को अतिरिक्त समय तक खुला रखा जाएगा। संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री ने गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक में बताया कि 10 नवम्बर तक केवल 60 प्रतिशत दुकानों का ही आवंटन हुआ है। शेष दुकानों के लिए व्यापारी 14 नवम्बर से 21 नवम्बर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अवधि अंतिम होगी, इसके बाद ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी। आयुक्त श्री खत्री ने बैठक में यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई दुकानदार अपनी दुकान ब्लैक में या किराए पर देता है, तो उस पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही ऐसे दुकानदारों को 5 वर्ष तक ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और भविष्य में उन्हें दुकान आवंटन नहीं दिया जाएगा। बैठक में मेले की व्यवस्थाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। आयुक्त ने नगर निगम अधिकारियों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्रचार-प्रसार, विद्युत आपूर्ति, ऑटोमोबाइल सेक्टर और झूला सेक्टर की व्यवस्थाओं को लेकर भी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

Back To Top