इंटरमिटेंट फास्टिंग की सच्चाई: फायदे और जोखिम
आजकल इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting) फिटनेस और हेल्थ वर्ल्ड में एक ट्रेंड बन चुका है। कई लोग इसे वज़न कम करने और सेहत सुधारने का आसान तरीका मानते हैं। लेकिन क्या यह वाकई इतना असरदार और सुरक्षित है? आइए जानते हैं इंटरमिटेंट फास्टिंग की पूरी सच्चाई—इसके फायदे और जोखिम दोनों।
इंटरमिटेंट फास्टिंग क्या है?
इंटरमिटेंट फास्टिंग का मतलब है – खाने और उपवास के बीच संतुलन बनाना। इसमें आपको यह नहीं बताया जाता कि क्या खाना है, बल्कि यह तय किया जाता है कि कब खाना है।
सबसे लोकप्रिय पैटर्न हैं:
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16/8 मेथड – 16 घंटे उपवास और 8 घंटे का खाने का समय।
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5:2 डाइट – हफ्ते में 5 दिन सामान्य खाना और 2 दिन कम कैलोरी डाइट।
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Eat-Stop-Eat – हफ्ते में 1-2 बार 24 घंटे का उपवास।
इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदे
1. वज़न घटाना और फैट बर्निंग
उपवास के दौरान शरीर इंसुलिन लेवल कम करता है और फैट को एनर्जी के रूप में इस्तेमाल करता है। इससे वज़न घटाने में मदद मिलती है।
2. ब्लड शुगर कंट्रोल
यह डायबिटीज टाइप-2 के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि यह इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारता है।
3. हार्ट हेल्थ
कुछ रिसर्च के अनुसार इंटरमिटेंट फास्टिंग ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में मदद कर सकता है।
4. ब्रेन फंक्शन बेहतर
उपवास के दौरान ब्रेन-डिराइव्ड न्यूरोट्रॉफिक फैक्टर (BDNF) नामक प्रोटीन सक्रिय होता है, जो दिमाग की सेहत को मजबूत बनाता है।
5. लॉन्गेविटी और एंटी-एजिंग
एनिमल स्टडीज दिखाती हैं कि इंटरमिटेंट फास्टिंग उम्र बढ़ाने और सेल रिपेयर में मदद कर सकता है।
इंटरमिटेंट फास्टिंग के जोखिम
1. भूख और चिड़चिड़ापन
शुरुआत में लंबे समय तक बिना खाए रहना मुश्किल हो सकता है, जिससे मूड स्विंग्स और कमजोरी महसूस हो सकती है।
2. पोषक तत्वों की कमी
अगर आप खाने के समय सही डाइट नहीं लेते, तो विटामिन और मिनरल्स की कमी हो सकती है।
3. पाचन से जुड़ी समस्याएँ
कुछ लोगों को गैस, एसिडिटी या पेट दर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
4. सभी के लिए उपयुक्त नहीं
गर्भवती महिलाएँ, बच्चे, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीज, या दवा लेने वाले लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह इंटरमिटेंट फास्टिंग नहीं करनी चाहिए।
✅ निष्कर्ष
इंटरमिटेंट फास्टिंग कई लोगों के लिए वज़न घटाने और सेहत सुधारने का असरदार तरीका हो सकता है। लेकिन यह सभी के लिए सही नहीं है। इसे शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह ज़रूर लें।
👉 याद रखें: सेहत का सबसे बड़ा मंत्र है संतुलन—संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, और नियमित व्यायाम।
