मध्यप्रदेश के किसानों को मिलेगा सोयाबीन और धान का उचित मूल्य : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

fn news channel

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में जहां-जहां सोयाबीन की फसल अतिवृष्टि या रोगों के कारण प्रभावित हुई है, वहां व्यापक सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर किसानों को उनकी फसल क्षति का मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 5328 रुपये तय किया है और मध्यप्रदेश में किसानों को भी यही मूल्य सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी किसान को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

डॉ. यादव ने जानकारी दी कि प्रदेश में धान पर बोनस राशि बढ़ाई गई है। भावांतर भुगतान योजना के तहत किसानों के खाते में यह बोनस सीधे भेजा जाएगा। यदि किसी किसान की फसल एमएसपी से कम दर पर बिकती है, तो अंतर की भरपाई सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों की खुशहाली के लिए केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के माध्यम से लगातार सहयोग कर रही हैं। वहीं, लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत दीपावली के भाईदूज से प्रत्येक पात्र बहन को हर माह 1500 रुपये प्रदान किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री गुरुवार को सागर जिले की सुरखी विधानसभा क्षेत्र की नगर पंचायत जैसीनगर में आयोजित मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 215 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।

कृषि और पशुपालन को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती के साथ पशुपालन को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। वर्तमान में मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है और लक्ष्य इसे पहले स्थान पर लाना है। इसके लिए किसानों को गाय पालन हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गौशालाएं खोलने पर लगभग 40 लाख रुपये तक की राशि उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमें 10 लाख रुपये तक का अनुदान भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि “जिसके घर गाय है, वह गोपाल है और मध्यप्रदेश का हर बच्चा कृष्ण है।” मुख्यमंत्री ने बताया कि गौवंश हत्या पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाया गया है, जिसके उल्लंघन पर कठोर सजा का प्रावधान है। साथ ही, गायों के संरक्षण हेतु प्रति गाय 40 रुपये प्रतिदिन की व्यवस्था की गई है।

जैसीनगर का नाम बदलेगा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जैसीनगर को नगर परिषद बनाने और इसका नाम बदलकर जयशिवनगर रखने की घोषणा की। इसके साथ ही सागर जिले में बेवस नदी परियोजना को मंजूरी देने, जैसीनगर महाविद्यालय के अधूरे कार्य को पूरा कर पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर समर्पित करने, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खोलने और सुरखी क्षेत्र में 25 किमी सड़क निर्माण की भी घोषणाएं कीं।

श्रद्धांजलि योजना बनेगी मॉडल

मुख्यमंत्री ने कहा कि सागर जिले में शुरू की गई श्रद्धांजलि योजना को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इस योजना के तहत अनुकंपा नियुक्तियां दी जाती हैं। उन्होंने लाभान्वित युवाओं और ग्रामीणों से संवाद करते हुए आश्वस्त किया कि सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है।

अन्य गतिविधियां

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर छात्र भौतिक सिंह जाट के साथ शतरंज खेला और कहा कि यह विद्यार्थियों के मानसिक विकास के लिए अच्छा प्रयास है। उन्होंने गोवर्धन टोरी स्थित गोवर्धन मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों की उन्होंने विशेष प्रशंसा की और बुंदेली वाद्ययंत्रों तथा प्रस्तुतियों को सराहा।

अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश में राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। अब हितग्राहियों को खाद्यान्न उपलब्धता की जानकारी एसएमएस से दी जाएगी और वर्ष में दो बार ग्राम सभाओं में लाभार्थियों के नामों का वाचन होगा। उन्होंने बताया कि पाइपलाइन के माध्यम से घर-घर गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने का कार्य भी शुरू हो गया है।

क्षेत्रीय सांसद डॉ. लता वानखेडे ने कहा कि यह कार्यक्रम सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिससे सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी परिवार भूखा न सोए और हर नागरिक को समय पर व सम्मानपूर्वक उसका अधिकार मिले।

इस अवसर पर विधायक निर्मला सप्रे, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, विधायक प्रदीप लारिया और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top